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दूसरे दिन भी चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस, गलियों में भी पुलिस का पहरा

Shubham Singh

Publish: Nov 10, 2019 13:53 PM | Updated: Nov 10, 2019 13:53 PM

Shahdol

विराटनगर में कायम सौहाद्र् की परंपरा

शहडोल। जिले में दूसरे दिन भी चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। गलियों में भी पुलिस का पहरा रहा। सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले में ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाया। फैसले को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्साह रहा और नजरें टीवी और मोबाइल टिकी रही। फैसला आने के बाद विराटनगर के लोगों ने अमन का पैगाम दिया। लोगों ने साम्प्रदायिक सद्भाव का परिचय देते हुए सौहाद्र्र कायम रखा। सबने फैसले को स्वीकारा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की भी चप्पे- चप्पे पर निगरानी थी। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस के अधिकारी भी मूवमेंट करते रहे। स्कूल कॉलेज बंद होने की वजह से सुबह शहर में चहल - पहल कम रही लेकिन दोपहर होते ही फिर सामान्य दिनों की तरह हो गया। कमिश्नर आरबी प्रजापति, आइजी एसपी सिंह, डीआइजी पीएस उइके, कलेक्टर ललित दाहिमा और एसपी निमिष अग्रवाल, एएसपी प्रवीण कुमार भूरिया खुद शहर के अलग- अलग जगहों में पहुंचकर स्थिति देखी । शहडोल के अलावा उमरिया, अनूपपुर और डिंडौरी में दो हजार से ज्यादा पुलिस जवान और कंपनियां तैनात रहीं। यहां भी शनिवार को शांति का माहौल रहा।

कंट्रोल रूम से कनेक्ट थे डेढ़ सौ से ज्यादा कैमरे
अयोध्या फैसले को लेकर पुलिस की तीसरी आंख का भी पहरा था। गली - चौराहों से लेकर जिले की सीमाओं पर भी पुलिस की चौकसी थी। कंट्रोल रूम से आला अधिकारी निगरानी करते रहे। शहर के 70 से ज्यादा प्वाइंटों पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी थी। इसके अलावा पूरे जिले में 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे कंट्रोल रूम से कनेक्ट थे। कई क्षेत्रों में हंैंडीकैम से पुलिस नजर रखी हुई थी और हर गतिविधियों की वीडियोग्राफी कराई गई।

1500 पुलिस जवान और 2 सौ से ज्यादा अधिकारी
आइजी कार्यालय के अनुसार, शहडोल रेंज के चारों जिलों में 1500 पुलिस जवान और दो सौ से ज्यादा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसमें प्रशासन के अलावा आबकारी, वन विभाग, राजस्व और होमगार्ड के अधिकारी भी शामिल थे। शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और डिंडौरी में दो हजार पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके साथ ही चारों जिलों के लिए चार कंपनियां और डीजी रिजर्व बल तैनात किया गया था।


रेलवे स्टेशन और बस स्टैण्ड में भी चौकसी
संभागीय मुख्यालय के रेलवे स्टेशन और बस स्टैण्ड में शनिवार को सुबह से ही चाक-चौबंद व्यवस्था रही और पूर्णरूपेणु शांति पूर्ण सामान्य माहौल रहा। सुबह से ही दुकानें बंद रही है, जबकि सामान्य दिनों की तरह यात्रियों का आना-जाना बना रहा। अयोध्या मामले में फैसले को लेकर जहां एक ओर रेलवे स्टेशन में जीआरपी और आरपीएफ के जवानों की निर्धारित प्वाइंट पर तैनातगी की गई थी। वहीं दूसरी ओर आरपीएफ के जवान भी आपातकालीन स्थित से जूझने के लिए तैयार थे। जीआरपी ने चार प्वाइंट शहडोल उमरिया, अनूपपुर और झलवारा में सुबह से शाम तक अपनी पैनी नजर जमाए रखी। वहीं आरपीएफ जवानों को भी शहडोल, बुढ़ार, पाली, उमरिया और झलवारा में तैनात किया गया। जीआरपी थाना प्रभारी एलपी कश्यप ने बताया कि स्टेशनों व ट्रेनों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार सहायक उपनिरीक्षक, पांच प्रधान आरक्षक, 17 आरक्षक एवं दो महिला आरक्षकों को तैनात किया गया था। आरपीएफ थाना प्रभारी रामलाल यादव ने बताया कि शहडोल रेलवे स्टेशन हर कोने मेें 15 जवानों की सुबह से ड्यूटी लगाई गई थी। बस स्टैण्ड में भी हर दिन की तरह बसों का आवागमन बना रहा, लेकिन सुबह खुलने वाली दुकानें दोपहर 12 बजे के बाद खुली।

सर्वसम्मति से निर्णय: सात दिनों तक नहीं निकालेंगे जुलूस
कलेक्टर ललित दाहिमा की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट द्वारा आज दिये गए निर्णय के परिपेक्ष्य में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी वर्गो के गणमान्य नागरिकों द्वारा सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय का सर्वसम्मति से स्वागत करते हुए जिले में शांति और सौहाद्र्र बनाने का निर्णय लिया गया । बैठक में मुस्लिम समाज के नागरिकों से चर्चा के बाद सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 10 नवम्बर को ईद मिलादुन्नवी का जुलूस स्थगित रहेगा। बैठक में कलेक्टर ने नागरिकों से कहा कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता जिले में शांति और अमन चैन बनाये रखने की है। समाजसेवी लाला अब्दुल सत्तार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए फैसले का हम तहे दिल से स्वागत करते है।शांति और अमन चैन की पुरातन परम्परा रही है। शांति समिति की बैठक में सचिव जमा मस्जिद शहडोल के महमूद अहमद ने कहा कि जिले में शांति और अमन की गौरवशाली परम्परा रही है। इसी प्रकार जिला योजना समिति के सदस्य आजाद बहादुर सिंह, अध्यक्ष नगरपालिका उर्मिला कटारे, पुलिस अधीक्षक निमिष अग्रवाल, उपाध्यक्ष नगरपालिका कुलदीप निगम, नरेन्द्र दुबे, सुभाष सोनी, हाजी मोहम्मद मोनी, लाला अब्दुल सत्तार, मोहम्मद अली, सिकन्दर खान ने भी जिले के नागरिकों से जिले की सामाजिक सौहाद्र्र की परम्परा को कायम रखते हुए जिले में शांति और अमन चैन बनाने की अपील की है। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पार्थ जायसवाल, अपर कलेक्टर अशोक ओहरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण भूरिया, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मिलिंद नागदेवे, रामेश्वर उदानीया, चन्द्ररेश द्विवेदी, भाईयन चुर्तेंवेदी, मुहीनउदीन उप पुलिस अधीक्षक पाण्डेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।

एक नजर
- शहर की गली-चौराहों में समूह में लोगों को खड़े नहीं होने दिया।
- फैसला आने के बाद खुद आईजी और एसपी शहर में भ्रमण करते रहे।
- शहर की गलियों में पुलिसकर्मी बाइक से पेट्रोलिंग करते नजर आए।
- चेहरा बांधकर घूमने वाले राहगीरों को रोककर कई जगहों में नकाब हटवाया गया।
- शहर और जिले की सीमाओं पर पुलिस वीडियोग्राफी के साथ वाहनों की जांच कराई।
- कंट्रोल रूम से शहर के सीसीटीवी कैमरे से पुलिस गतिविधियों पर नजर रखी थी।
- कंट्रोल रूम में 57 पुलिसकर्मियों का अतिरिक्त बल भी रखा गया था।
- साइबर टीम भी सोशल मीडिया में पूरी नजर रखी हुई थी।
- अधिकारी भी सोशल मीडिया को लेकर साइबर टीम से लगातार कनेक्ट रहे।
- सुबह शहर की गलियों में सन्नाटा रहा लेकिन दोपहर फिर सामान्य दिनों की तरह हो गया।
- सुबह फैसला आने के पहले पुलिस ने दुकानों को भी बंद कराया।
- स्कूल-कॉलेजों में कई छात्र-छात्राएं पहुंचे। बाद में पुलिसकर्मियों द्वारा वापस किया गया।

शहडोल: सुरक्षा व्यवस्था
एएसपी -1
डीएसपी -5
निरीक्षक -12
उपनिरीक्षक -22
पुलिसकर्मी -250
पुलिस कंपनी-1
कंट्रोल में रिवर्ज बल-57
(इसके अतिरिक्त डीजी फोर्स का बल भी तैनात किया गया था)
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सबने कहा- एकता और अखण्डत की पहचान है हमारा देश

गुरुद्वारा श्रीगुरू सिंह सभा के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी धर्म सिंह ने कहा कि गुरूनानक जी का यह संदेश है कि कीरत यानि काम करो, नाम जपो, परमात्मा की बंदगी करो और बांट कर खाओ। इससे परमात्मा हमेशा खुश रहता है और हम सबकी ऐसी ही भावना रहनी चाहिए। हम सब परमात्मा के बंदे है और परमात्मा कभी भी हमसे भेदभाव नहीं करता और हम सबको अलग भी नहीं देखना चाहता है। अयोध्या मामले में जो भी निर्णय आया है। वह सर्वमान्य है। उसका हम सबको सम्मान करना चाहिए, तभी हमारे देश में शांति कायम रहेगी।

हॉली स्प्रिट चर्च के फादर जोश एंथोनी ने कहा कि समाज में हर धर्म का संदेश प्यार और शांति है और यही हम सभी का सच्चा धर्म है। मुझे बेहद खुशी और संतुष्टि है कि अयोध्या मामले में आए निर्णय को देश के सभी लोगों ने स्वीकार किया है। इस ऐतिहासिक निर्णय में देश के लोगों ने जिस संयम का परिचय दिया है, वह काबिले तारीफ है और यही हमारे देश की एकता और अखण्डता की पहचान है। अयोध्या मामले में आने वाले निर्णय पर देश में अमन शांति कायम रखने के लिए हम लोगो ने प्रार्थना भी की थी।


जामा मस्जिद के मौलाना मोहम्मद आरिफ ने कहा कि हमारा देश अमन व शांति के लिए विश्व में जाना-पहचाना जाता है। इस खूबसूरत मुल्क में हर धर्म के लोग रहते हैं और भविष्य में भी वह इसे कायम रखेगे। इस देश की सुप्रीम कोर्ट एक बड़ी अदालत है और इसके फैसले का हर किसी को इत्तेफाक रखना चाहिए। जाति-धर्म भले ही अलग हो पर जहां देश की एकता और अखंडता की बात आती है तो वहां हम सब सर्वधर्म समभाव की भावना से एक है और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।


श्री मोहनराम मंंदिर के पंडित लवकुश शास्त्री ने कहा कि अयोध्या मामले में दो पक्षों के लिए जा निर्णय आया है, वह स्वागत योग्य है। इसका हर किसी को सम्मान करना चाहिए। ऐसी परिस्थिति में हम सबको एक जुटता से भारत माता की भूमि की रक्षा के सदैव तत्पर रहना चाहिए। निर्णय आने के बाद ऐसा ही हुआ है। देश के लोगों ने जिस संयम से स्वीकार किया है। वह हमारी भावी पीढ़ी के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है। हर धर्म साम्प्रदायिक सद्भावना का संदेश देता है और इसे कायम रखना हम सबका कर्तव्य है।

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