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चार साल बीते नहीं पूरा हुआ एनएच का काम, धूल से घुट रहा लोगों का दम

Ramashankar mishra

Publish: Oct 19, 2019 12:12 PM | Updated: Oct 19, 2019 12:12 PM

Shahdol

उमरिया से शहडोल के बीच चल रहा सड़क निर्माण का कार्य

शहडोल. उमरिया से शहडोल के बीच निर्माणाधीन एनएच 43 का कार्य चार साल बाद भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही व लेट-लतीफी इस मार्ग से होकर गुजरने वाले लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। उक्त सड़क निर्माण के लिए वर्ष 2015 में स्वीकृति मिली थी। जिसके बाद से इस मार्ग से होकर गुजरने वाले व सड़क किनारे के लोग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और अभी भी उनकी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। स्थिति यह है कि यहां से सफर करना काफी मुश्किलभरा होता है। धूल का गुबार और हर चार कदम में गड्ढे राहगीरों की समस्या बढ़ा देते हैं। अब जब चार माह समयावधि समाप्त होने के लिए बचे हैं ऐसे में अभी कई जगह सड़क निर्माण कार्य के साथ ही पुल पुलियों का निर्माण कार्य कराया जाना बाकी है। उमरिया से शहडोल तक 333 करोड़ की लागत से 73 किमी. सड़क का निर्माण कराना था। यह काम 2015 से शुरू भी कर दिया गया था लेकिन अब टाइम लिमिट को सिर्फ चार माह बाकी है और काफी काम अधूरा है। ऐसा भी नहीं है कि जानकारी अधिकारियों को न हो। कई बार स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया लेकिन कोई प्रभावी पहल नहीं की गई। सबसे ज्यादा दिक्कतें बारिश के दिनों में होती है।
20 किमी तो पैदल चलना भी मुश्किल
पाली से पठारी फाटक के बीच स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब है। लगभग 20 किमी के बीच का सफर बड़ा ही कठिन है ऊबड़ खाबड़ सड़क के साथ ही उड़ती हुई डस्ट ने लोगों को कई वर्ष से परेशान कर रखा है। वहीं अलग-अलग जगह पर अभी सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। उमरिया मुख्यालय से लगे लालपुर से चपहा कालरी के बीच सड़क का आधा अधूरा कार्य एक वर्ष से लटका हुआ है। जिसके चलते सड़क के किनारे के लोग अच्छा खासा परेशान है। सड़क निर्माण कार्य न होने से परेशान लोगों ने कई बार विरोध भी किया साथ ही जिला प्रशासन से शिकायत भी की है। इसके बाद भी यहां का कार्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
बदला ठेकेदार, दूसरी कंपनी को दिया काम
2015 में उमरिया से शहडोल सड़क निर्माण के लिए जीव्हीआर कंपनी को ठेका दिया गया था। उक्त कंपनी द्वारा सड़क कार्य में लगातार लेटलतीफी की जा रही थी। साथ ही काम भी नहीं किया जा रहा था। जिसे देखते हुए वर्ष 2018 में सड़क निर्माण की जिम्मेदारी टीबीसीएल को दी गई। जिसे फरवरी 2020 तक की समयावधि दी गई है। इस समयावधि में सड़क निर्माण कार्य पूरा किया जाना है। यह कंपनी भी निर्माण में देरी कर रही है।

सवाल: सिर्फ चार माह बाकी, कैसे बनेंगे दो बड़े पुल और चार ओवरब्रिज
उमरिया से शहडोल के बीच निर्माणाधीन एनएच 43 का कई जगह कार्य अधर में लटका है। इसके अलावा लगभग 60-60 मीटर के दो बड़े पुल व 4 रेलवे ओवर ब्रिज का काम किया जाना है। साथ ही नौरोजाबाद से सस्तरा के बीच कुछ अतिक्रमण भी है। इस अतिक्रमण को भी हटाया जाना है। उमरिया से शहडोल के बीच निर्माणाधीन सड़क में 4 रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाना है। इसके लिए रेलवे से अनुमति की जरूरत है। बताया जा रहा है कि अनुमति के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हालांकि अभी ओवर ब्रिज का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। इसमें अभी वक्त लगेगा। सवाल यह है कि चार माह में निर्माण कंपनी काम पूरा कैसे कर लेगी।