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बड़ी लापरवाही: दुधमुंहे बच्चे को अस्पताल में आग में सेंका, जलने से हालत बिगड़ी

Shubham Singh

Publish: Jan 18, 2020 21:02 PM | Updated: Jan 18, 2020 21:02 PM

Shahdol

हालत बिगड़ी तो शहडोन एसएनसीयू के लिए किया रेफर, बड़ी लापरवाही उजागर

शहडोल। जन्म के बाद नवजात शिशु के हलचल न करने पर अस्पताल में मौजूद नर्स ने आग में सेंक दिया। आग की तेज लौ की चपेट में आने से शिशु बुरी तरह से झुलस गया। हालत बिगडऩे के बाद उसे शहडोल एसएनसीयू के लिए रेफर किया गया है। मामला गोहपारू ब्लॉक के खन्नौधी गांव का है। पलसऊ गांव निवासी पार्वती बैगा को प्रसव पीड़ा के बाद परिजनों ने खन्नौधी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां पर 16 जनवरी की सुबह पार्वती बैगा ने एक बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के बाद नवजात शिशु काफी समय तक कोई हलचल नहीं किया। इस दौरान बच्चे का पूरा शरीर भी ठंडा रहा। बाद में अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने बार्मर में रखने की सलाह दी। परिजन गंगा बैगा का कहना है कि बिजली न होने की वजह से नर्स ने नवजात शिशु को आग में सेंक दिया। तेज लौ की वजह से नवजात का चेहरा, पीठ और हाथ बुरी तरह झुलस गया। कुछ समय बाद हाथ और पीठ में काले निशान पड़ गए और चेहरे में फफोले हो गए। नाजुक हालत को देखते हुए १७ जनवरी को नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, शिशु की हालत खतरे से बाहर है। पांच दिन पहले एक ही रात छह बच्चों की मौत मामले की जांच अभी चल रही थी कि खन्नौधी अस्पताल में कर्मचारियों की लापरवाही ने लचर सिस्टम की कलई खोलकर रख दी है।


प्रबंधन की दलील: परिजनों के सेंकने से झुलसा शिशु
प्रबंधन का कहना है कि परिजनों को बच्चा सौंप दिया था। परिजन बच्चे को अस्पताल से बाहर ले गए थे और आग में सेंक दिया था। बीएमओ गोहपारू उमेन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि अस्पताल में बार्मर है। बच्चे को बार्मर में भी रखा गया था। बाद में परिजनों को सौंप दिया था। परिजनों के सेंकने से शिशु झुलसा है।

पार्वती बैगा ने कहा कि बच्चा कोई हलचल नहीं कर रहा था और शरीर ठंडा था। अस्पताल में बिजली न होने पर नर्स ने आग में बच्चे को सेंक दिया। बाद में बच्चे के शरीर में काफी फफोले हो गए। इसके बाद एसएनसीयू लेकर पहुंचे हैं।

सीएमएचओ ओपी चौधरी ने कहा कि शिशु जन्म लेने के बाद रो नहीं रहा था। कर्मचारियों ने शहडोल ले जाने की बात कही थी। परिजनों ने खुद नवजात की आग से सिकाई की है। बीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं और रिपोर्ट मांगी है।

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