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आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, मछली पालन व मुर्गी पालन को बढ़ावा देने की जरूरत

Brijesh Chandra Sirmour

Publish: Dec 10, 2019 12:22 PM | Updated: Dec 10, 2019 12:22 PM

Shahdol

खेती-किसानी में कृषकों को कीट रोग प्रबंधन भी जरूरी, वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति की बैठक में हुआ किसानों की आय बढ़ाने के लिए व्यापक विचार-विमर्श

शहडोल. कल्याणपुर स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र के सभागार में वैज्ञानिक परामर्शदात्री समिति की बैठक आहुत की गई। जिसमें कृषि वैज्ञानिकों ने अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ किसानों की आय दोगुनी करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर व्यापक विचार विमर्श किया। बैठक की मुख्य अतिथि फनिया यादव रही। अध्यक्षता जबलपुर से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक संजय वैसम्पायन ने की। बैठक की शुरूआत में वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डा. मृगेन्द्र ङ्क्षसह ने केन्द्र में संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। गृह वैज्ञानिक डॉ. अल्पना शर्मा ने तेइसवीं बैठक के सुझावों पर संपादित की गई गतिविधियों का विवरण एवं खरीफ 2019 में किए गए कार्यों की प्रगति तथा रबी 2019 का प्रस्तावित कार्यक्रम का विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कृषकों की आय दोगुनी करने के लिए जिले की मृदा में सूक्ष्म पोषक तत्वों के बारे में किसानों को जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन करने और खेती के साथ पशुपालन, मछली पालन व मुर्गी पालन पर जोर दिया। मुख्य अतिथि ने आधुनिक कृषि तकनीकोंं का गांव-गांव में प्रचार करने को कहा। नाबार्ड के महाप्रबंधक रवीन्द्र भोले ने द्विफसली कृषि को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। सिंचाई विभाग के अनुविभागीय अधिकारी दिलीप सिंह ने जल संरक्षण के उपाय अपनाने को कहा। सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी अनुराग पटेल ने फसलों के बीजोपचार की जानकारी दी। उद्यानिकी विभाग के आरडी चौहान ने ड्रिप सिंचाई से सब्जी उत्पादन बढ़ाने पर बल दिया। बैठक में एलडीएम एसडी माझी, जिला महिला बाल विकास अधिकारी मनोज कुमार, सहायक संचालक कृषि रावेन्द्र सिंह, मत्स्य निरीक्षक अन्नपूर्णा मिश्रा, लेखाधिकारी रवीन्द्र मिश्रा, आकाशवाणी के प्रकाश कुमार सहित अन्य कई कृषक व अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रदर्शन मृदा वैज्ञानिक डॉ. पीएन त्रिपाठी ने किया।

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