स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

19 हजारों घरों में पहुंचे लेकिन कहीं पर नहीं मिला मच्छरों का लार्वा लेकिन हर माह मिल रहे मलेरिया के मरीज

Shubham Singh

Publish: Nov 12, 2019 20:18 PM | Updated: Nov 12, 2019 20:18 PM

Shahdol

8 हजार कंटेनरों की जांच करने पर भी कहीं नहीं मिला मच्छरों का लार्वा

शहडोल। जिले में ग्रामीण अंचलों में मलेरिया के दंश ने स्वास्थ्य विभाग के कागजी सर्वे की हकीकत उजागर कर दी है। मैदानी अमले और अधिकारियों ने कागजों में सर्वे पूरा कर लिया है। 648 गांवों में मलेरिया विभाग की टीम ने 19 हजार घरों में जांच की लेकिन कही लार्वा नहीं मिला। मलेरिया विभाग को गांवों में मलेरिया के लार्वा नहीं मिल रहे हैं। उधर मलेरिया के मरीज लगातार मिल रहे हैं। इससे मलेरिया विभाग के कागजी आंकड़े पर सवालिया निशान लग रहे हैं। विभाग ने 648 गांवों के 19 हजार 157 घरों में डेंगू एवं मलेरिया के लार्वा ढूंढ़कर नष्ट कराने के लिए सर्वे किया लेकिन विभाग को एक भी जगह लार्वा नहीं मिला है। वहीं हर मलेरिया के मरीज इस दौरान लगातार मिलते रहे हैं। कई गांव ऐसे भी हैं, जहां मलेरिया का दंश अभी भी काफी है। ऐसा भी नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों को खबर न हो फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।


लगातार मिल रहे हैं अतिगंभीर मलेरिया के मरीज
जिले में जनवरी से लेकर 15 अक्टूबर तक में 188 मलेरिया के मरीज मिले। जिसमें 81 फेल्सिफेरम के मरीज मिले हैं। जिले में अगस्त में सबसे ज्यादा मलेरिया के मरीज मिले हैं। अगस्त में 45 मलेरिया मरीज मिले,जिसमें 26 फेल्सिफेरम के मरीज मिले हैं। हालत यह है कि ठंड में भी मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं। अक्टूबर माह में 15 अक्टूबर तक मलेरिया के 24 मरीज मिल चुके हैं,जिसमें फेल्सिफेरम के 8 मरीज शामिल हैं।


ये हैं मलेरिया के बचाव के तरीके
मलेरिया विभाग ने लोगों को मलेरिया से बचने के लिए उपाय करने के लिए कहा है। इसमें पानी रखने के सभी बर्तनों एवं टंकियों के ढक्कन लगाकर रखना। घर के आस-पास पुराने टायरों, अनुपयोगी टंकियों को नहीं रहने देना ताकि इसमें जल जमाव नहीं हो। घर के आस-पास सभी जल जमाव में जहां मच्छर पनपने की संभावना हो, वहां जला हुआ तेल, केरोसीन का तेल सप्ताह में एक बार अवश्य डाल दें। कूलर, फूलदान, नांद, फ्रिज से पानी निकासी कर सप्ताह में एक बार सुखा लें। रात में सोते समय हमेश मच्छरदानी का प्रयोग करें। गर्भवती महिला एवं बच्चों को मच्छरदानी के अंदर सोना चाहिए।


बुढ़ार ब्लॉक में सबसे ज्यादा मरीज
बुढ़ार ब्लॉक में इस साल मलेरिया के सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं। बुढ़ार में जनवरी से लेकर 15 अक्टूबर तक में 61 मलेरिया के मरीज मिले हैं। जिसमें 47 फेल्सिफेरम के मरीज शामिल हैं। इसके बाद जयसिंहनगर में मलेरिया के मरीज मिले हैं। जयसिंहनगर में जनवरी से लेकर 15 अक्टूबर तक में कुल 30 मलेरिया के मरीज मिले हैं। जिसमें 11 फेल्सिफेरम के मरीज शामिल हैं। शहडोल और सोहागपुर में सबसे कम मरीज मिले हैं। शहडोल में 5 और सोहागपुर में 5 मलेरिया के मरीज मिले हैं।
हाइ-रिस्क हैं 44 गांव, डेंगू के 40 संदिग्ध मरीजों की जांच
जिले मेें मलेरिया से प्रभावित 44 गांव चिन्हित किए गए हैं। इस गांव में एपीआई एक से अधिक था। विभाग का कहना है कि इन गांवों में कीटनाशकों का छिड़काव किया जा चुका है। स्थाई और अस्थाई जलों में गंबोसिया मछली छोड़ी गई है। ये मछली मच्छरों के लार्वा को खा जाती हैं। उधर आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल जनवरी से लेकर अब तक में डेंगू के 40 संदेही मिले थे। बाद में जांच में पॉजीटिव नहीं पाए गए।

2019 मलेरिया फेल्सिफेरम 2018 मलेरिया फेल्सिफेरम
जनवरी 0 0 जनवरी 0 4
फरवरी 1 0 फरवरी 3 1
मार्च 5 2 मार्च 0 0
अप्रैल 5 4 अप्रैल 2 2
मई 8 2 मई 3 6
जून 14 5 जून 9 4
जुलाई 15 15 जुलाई 17 12
अगस्त 19 26 अगस्त 32 49
सितंबर 24 19 सितंबर 32 26
अक्टूबर 18 8 अक्टूबर 19 26

[MORE_ADVERTISE1]