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लालपुर हवाई अड्डा बदहाल, नहीं मिल रहा लोगों को सुविधाओं का लाभ

Lav Kush Tiwari

Publish: Dec 07, 2019 11:00 AM | Updated: Dec 06, 2019 21:34 PM

Shahdol

पर्यटन के क्षेत्र में किया जाना था उपयोग, जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा

शहडोल. संभाग में पर्यटन और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ओपीएम द्वारा लालपुर में हवाई पट्टी का निर्माण कराया गया था, इस जमीन को शासन द्वारा ओपीएम को हवाई पट्टी बनाए जाने के लिए ९९ साल की लीज पर दी थी इसके साथ हवाई अड्डा पूरी तरह से बदहाल होने के साथ ही अनुपयोगी साबित हो गया है। हाल ऐसे हैं कि लालपुर की हवाई पट्टी की जमीन पर लोगों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। अतिक्रमण को रोकने और हटाने के लिए बुढ़ार के शैलेन्द्र श्रीवस्तव के नेतृत्व में लोगों ने उपवास रखकर आन्दोलन करने के बाद अधिकारियों को ज्ञापन भी दिए, लेकिन अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई अब तक नहीं हुई।
संभागीय मुख्यालय को नहीं मिली सुविधा-
पर्यटन और उद्योग की दृष्टि से शहडोल संभागीय मुख्यालय में हवाई पट्टी की नितांत आवश्यकता होने के बाद भी इस मामले को लेकर प्रशासनिक अमला सहित संभाग के जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण लालपुर हवाई अड्ड़ा अपने अस्तित्व को खोता जा रहा है, जिसे बचाने और उसे दुबारा चालू कराने किसी भी दल के जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अब तक आगे नहीं आए हंै।
आसपास हैं पर्यटन स्थल और उद्योग-
संभागीय मुख्यालय के आसपास कई पर्यटन स्थलों के साथ ही औद्योगिक इकाइयां है, जहां आने जाने के लिए हवाई सुविधाओं के लिए हवाई पट्टी होना अनिवार्य है, वर्तमान समय में यह जिले के लिए बहुत उपयोगी और कारगर साबित हो सकती है। संभाग और उसके आस-पास बांधवगढ़ नेशनल पार्क, संजय गांधी नेशनल पार्क, अमरकंटक, बाणसागर, एसजीटीपीएस, ओपीएम, जूटमिल, चचाई पावर प्लांट, सीबीएम प्रोजेक्ट, मोजर वेयर, अल्ट्राटेक, एसईसीएल के अलावा अन्य आद्योगिक क्षेत्र और पर्यटन केन्द्र होने के बाद भी हवाई सुविधा हवाई पट्टी की कमी के कारण जहां लोगों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा, वहीं पर्यटन स्थल जाने वाले लोगों को आसानी से हवाई सुविधाएं नहीं होने से राजस्व का भी नुकशान उठाना पड़ रहा है।
तत्कालीन कलेक्टर ने की थी पहल-
तत्कालीन कलेक्टर डा. अशोक कुमार भार्गव ने लालपुर हवाई अड्डे के सदुपयोग और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपने कार्यकाल के दौरान एक निजी कंपनी से सर्वे कराने के बाद उसे रीवा-सतना -उमरिया-जबलपुर के माध्यम से इंदौर, भोपाल, रायपुर और बिलासपुर से जोडऩे की पहल की थी लेकिन उनके स्थानान्तरण के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
नहीं है मामले की जानकारी
लालपुर हवाई अड्डे के संबन्ध में जानकारी नहीं है, जानकारी लेने के बाद इस मामले में आगे क्या किया जाएगा यह तय किया जाएगा।
ललित दाहिमा
कलेक्टर

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