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बिना खेले ही राज्य स्तर के लिए चयनित हो गए हैण्डबाल के खिलाड़ी

Brijesh Chandra Sirmour

Publish: Aug 22, 2019 07:05 AM | Updated: Aug 21, 2019 22:01 PM

Shahdol

संभाग स्तरीय शालेय खेलकूद प्रतियोगिता में खिलाडिय़ों ने दिखाया दम

शहडोल. स्कूल शिक्षा विभाग के तत्वावधान में संभागीय मुख्यालय के महात्मा गांधी स्टेडियम में बुधवार को संभाग स्तरीय शालेय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। जहां सुबह से लेकर दोपहर तक शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर जिले के खिलाडिय़ों का सक्षमता प्रमाण-पत्रों की जांच होती रही। इसके बाद हैण्डबाल, बास्केटबाल और बैडमिंटन की प्रतियोगिता शुरू की गई। जिसमें आधे-अधूरे खिलाडिय़ों का चयन कर प्रक्रिया की औपचारिकता का निर्वहन किया गया। हैण्डबाल प्रतियोगिता में तो अण्डर-19 बालिका वर्ग की खिलाड़ी वगैर खेले ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हो गए। जानकारी लेने पर बताया गया कि हैण्डबाल अण्डर-19 में उमरिया जिले के अलावा शहडोल व अनूपपुर जिले से कोई टीम ही नहीं आई थी। नतीजतन उमरिया की टीम का राज्यस्तर के लिए चयनित कर लिया गया। इसके अलावा बास्केटबाल व बैडमिंटन प्रतियोगिता में बालक एवं बालिका वर्ग के अण्डर-14, 17 व 19 वर्ग की प्रतियोगिताएं कराकर उत्कृष्ठ खिलाडिय़ों का चयन किया गया। बताया गया है कि दूसरे दिन गुरूवार को कबड्डी व खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। जिसमें शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर जिले के कई खिलाड़ी भाग लेगे। बताया गया है प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ी आगामी 28 अगस्त को होने वाली स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होंगे संभाग स्तरीय शालेय खेल प्रतियोगिता में संयोजक डॉ. मोहन पाठक, खेल निरीक्षक इन्द्रपाल चौधरी, सुदर्शन मिश्रा, रईस खान, सोनू राबिन्सन, वीरेन्द्र श्रीवास्तव, रतन ङ्क्षसह ठाकुर , धीरेन्द्र ङ्क्षसह, नाइजिल प्रिन्स, दीपक पटेल खलील खान, रहीम और नमिता यादव ने सक्रिय भूमिका का निर्वहन किया।
अव्यस्थाएं रही हॉवी
गांधी स्टेडियम मेंं संभागीय खेलकूद प्रतियोगिता के आयोजन के काफी अव्यवस्थाएं देखने को मिली। मैदान में खिलाडिय़ों के लिए समय पर भोजन-पानी की व्यवस्था भी नहीं की गई थी और जिम्मेदार लोग अगल-अलग समूह बनाकर घूमने में मशगूल रहे, जबकि निजी विद्यालयों के पीटीआई व्यवस्था को दुरूस्त करने में जुटे रहे। खेलकूद के आयोजन के संबंध में पूरी अधीकृत जानकारी भी नही दी जा रही थी। जिससें खेल और खिलाडिय़ों के चयन प्रक्रिया में सवालिया निशान लग रहा था।