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पांच लाख के संशय में जमा नहीं कर रहे रिटर्न

Brijesh Chandra Sirmour

Publish: Aug 22, 2019 07:00 AM | Updated: Aug 21, 2019 21:46 PM

Shahdol

नई आय कर मुक्त छूट की सीमा इस बार के रिटर्न में नहीं हुई लागू

शहडोल. केन्द्र सरकार के आम बजट-2019 में पांच लाख तक की आयकर मुक्त छूट की सीमा घोषित होने से लोगों में यह संशय हो गया है कि इस बार पांच लाख तक आय सीमा वालों को इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं करना है, इसलिए वह इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं कर रहे है। जबकि इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त को समाप्त हो रही है। इसके बाद व्यक्तिगत करदाताओं को इस तारीख के बाद आयकर रिटर्न दाखिल करने पर पैनल्टी चुकाना पड़ेगी। बताया गया है कि कमाई के हिसाब से इनकम टैक्स के दायरे में आ रहे तमाम करदाता अब भी रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। पांच लाख तक की आय को करमुक्त मानकर रिटर्न जमा करने से बचा जा रहा है, जबकि छूट की यह सीमा इस बार के रिटर्न में लागू ही नहीं हुई है। जानकारों के अनुसार इस बार के व्यक्तिगत आयकर रिटर्न वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जमा किए जा रहे हैं। यानी एक अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 तक जो भी आय किसी भी व्यक्ति को हुई है, इस रिटर्न में उसका पूरा ब्योरा और आय के लिहाज से टैक्स जमा करना है। इस वित्त वर्ष के लिए इनकम टैक्स स्लैब की सीमा वही बरकरार है, जो बीते वर्षों में थी। यानी ढ़ाई लाख रुपए तक की आय ही कर से मुक्त है। इससे ज्यादा आय होने पर नियमानुसार टैक्स चुकाना होगा। कई करदाताओं में संशय की स्थिति बनी हुई है कि पांच लाख तक की आय पर टैक्स नहीं जमा करना होगा। दरअसल पांच लाख की आय पर टैक्स से छूट की घोषणा पहले अंतरिम बजट में हुई और फिर बीते दिनों आए आम बजट में जिससे लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है।
अगले वित्त वर्ष के लिए है पांच लाख की सीमा
चार्टेड एकाउटेन्ट सुशील सिंघल ने बताया है कि पांच लाख तक आय पर कर से छूट का लाभ वित्त वर्ष 2020-2021 के लिए जमा होने वाले आयकर रिटर्न में मिलेगा। वह रिटर्न अगले वर्ष जमा होना है। इस वित्त वर्ष आय पर छूट की सीमा ढ़ाई लाख रुपए है।