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मुख्यमंत्री पेयजल योजना मामले की जांच अटकी

Lav Kush Tiwari

Publish: Jul 21, 2019 10:00 AM | Updated: Jul 20, 2019 21:12 PM

Shahdol

नपा ने नहीं दिया रिकार्ड, जांच अधिकारी ने लिखा पत्र

शहडोल. नपा द्वारा मुख्यमंत्री पेयजल योजना के तहत कराए गए निर्माण कार्य में व्यापक पैमाने पर इंजिनियर और अधिकारियों ने मिलकर अनियमितताएं करते हुए करोड़ों रुपए की राशि का बंदरबांट कर डाला और 6 साल बीतने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य अधूरा है, वहीं ठेकेदार को लगभग 20 लाख रुपए की राशि का भुगतान भी कर दिया गया। इस मामले की शिकायत कलेक्टर ललित दाहिमा से करने के बाद कलेक्टर ने जयसिंहनगर एसडीएम सतीष राय और शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी अमित तिवारी को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए जांच कर जांच प्रतिवेदन मांगा था, लेकिन नपा द्वारा अभी तक जांच के लिए नस्ती और रिकार्ड नहीं उपलव्ध कराए गए हैं, जिससे मामले की जांच अटकी हुई है। गौरतलब है कि लगभग 23 करोड़ रुपए की लागत से हुडको से कर्ज लेकर शुरू की गई परियोजना अभी भी अधूरी है। सरफा डैम में बनाए गए इँटकवेल और पंप हाउस में बड़ी तकनीकी गडबड़ी उजागर हुई है। नपा के उपयंत्री और सहायक यंत्री के प्रभार में रहे बृ्रजेन्द्र वर्मा और निर्माण एजेंसी सीयूएलकेबीजी एसएसईपीएल नामक झांसी की कंपनी ने मिलकर योजना को ऐसा पलीता लगाया कि नगर में अब तक पाइप लाइन तक नहीं बिछाई जा सकी है, जिससे इतनी भारी भरकम राशि खर्च होने के बाद भी शहर के लोगों को पानी नसीब नहीं हो पा रहा है।
जांच अधिकारी ने रिकार्ड देने लिखा पत्र-
मामले की जांच के लिए नपा द्वारा रिकार्ड नहीं दिए जाने के कारण जांच में हीला हवाली की जा रही है। इस मामले को लेकर जांच अधिकारी पीओ शहरी विकास अभिकरण अमित तिवारी ने नपा को 17जुलाई को पत्र लिखकर नस्ती मांगी गई है। बताया गया है कि इसके पहले जांच अधिकारी ने लगभग 15 दिन पहले रिकार्ड तलब किया था, लेकिन नपा द्वारा रिकार्ड नहीं दिया गया है।
जांच टीम पर सवाल-तकनीकी दल से करानी थी जांच-
मुख्यमंत्री पेयजल योजना में करोड़ों रुपए के किए गए भ्रष्टाचार में ब्यापक पैमाने पर तकनीकी गडबड़ी उजागर हुई है। इस मामले को लेकर जांच टीम पर सवालिया निशान लगाए जारहे हैं, कि आखिर तकनीकी दल द्वारा इंटकवेल और पाइप लाइन सहित पानी टंकी निर्माण, पंप हाउस, मुख्यपाइप लाइन बिस्तार की जांच आखिर क्यो नहीं कराई गई। वजह यह है कि नान तकनीकी अधिकारी इस मामले में तकनीकी बारीकी की जांच परख आखिर कैसे करेंगे इसको लेकर सवाल किए जा रहे हैं।
नपा को लिखा पत्र
नपा को अभी दो दिन पहले पत्र लिखकर रिकार्ड और नस्ती उपलव्ध कराने को कहा गया है, रिकार्ड मिलने के बाद ही मामले की जांच शुरू की जाएगी। इस मामले की जांच के बाद जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को दिया जाएगा, इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अमित तिवारी
पीओ शहरी विकास अभिकरण