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बड़ी खबर-नगर विकास को लगा ग्रहण, ढ़ाई साल में 253 प्रस्ताव, 123 पर नहीं हुआ अमल

Lav Kush Tiwari

Publish: Jan 23, 2020 21:09 PM | Updated: Jan 23, 2020 21:09 PM

Shahdol

परिषद के कार्यकाल पर उठाए जा रहे सवाल

शहडोल. नगर परिषद का कार्यकाल लगभग ढ़ाई साल होने को चला है, सितंबर 2017 में परिषद के गठन के बाद नगरपालिका परिषद द्वारा नगर विकास के लगभग 253 प्रस्ताव पारित किए गए जिनमें से लगभग 130 प्रस्तावों पर अमल हुआ और शेष 123 प्रस्ताव अब तक नपा की फाइलों में धूल खा रहे हैं। नगर विकास को लेकर नपा परिषद में शुरू से ही सत्तापक्ष भाजपा के साथ ही विरोधी दल कांग्रेस और निर्दलीयों में आपसी विरोध के चलते नगर के विकास के कार्य प्रभावित हो रहे हैं, इस मामले को लेकर परिषद गंभीर नहीं है, जिससे सैकड़ा भर से अधिक प्रस्तावों पर अमल नहीं हो सका है। अब इस मामले को लेकर लोगों द्वारा परिषद की कार्यशैली को लेकर सवाल उठाए जाने लगे हैं।
यह विकास के कार्य प्रभावित-
पहला- 56 लाख रुपए की लागत का तारामण्डल- नगर के बाणगंगा स्थित पार्क में 56 लाख रुपए की लागत से नपा परिषद द्वारा तारा मण्डल स्थापना के लिए प्रस्ताव बनाया गया, लेकिन टेंडर के बाद अब तक वर्क आर्डर जारी नहीं हो सका।
दूसरा- नगर के वार्ड नंबर 24 में 50 लाख रुपए की लागत से सीसी सड़क निर्माण कराने को लेकर प्रस्ताव बनाया गया और इसके लिए नपा द्वारा टेंडर जारी किया गया, लेकिन वर्क आर्डर अब तक जारी नहीं किया गया।
तीसरा- 60 लाख रुपए की लागत से बाणगंगा मैदान में आदिवासी संग्रहालय निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाा गया, लेकिन इस मामले में अब तक टेंडर और वर्क आर्डर तक जारी नहीं किया गया।
चौथा-65 लाख रुपए की लागत से नगर के कचरे के निष्पादन के लिए टंचिंग ग्राउंड, बाउंउ्रीवाल, कंपोजिट टैंक, प्लेट फार्म निर्माण का प्रस्ताव बनाया गया और इस मामले में टेंडर काल किया गया लेकिन अब तक वर्क आर्डर जारी नहीं किया गया।
पांचवां- लगभग 1 करोड़ 9लाख रुपए की लागत से नगर के पंराने नपा चौक से कमिश्नर बंगला होकर पुलिस लाइन से कमिश्नर कार्यालय तक सड़क चौड़ीकरण कार्य का प्रस्ताव बना लेकिन अब तक इस मामले में अमल नहीं हुई।
आचार संहिता और अविश्वाश प्रस्ताव का साया-
नगर विकास कार्य में जहांएक तरफ लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण नगर के विकास के कार्य प्रभावित हुए हैं, वहीं नगरपालिका अध्यक्ष उर्मिला कटारे और नपा उपाध्यक्ष कुलदीप निगम के विरुद्ध अविश्वाश प्रस्ताव के चलते नगर विकास के कार्य पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं। इसके पीछे नगरपालिका के पार्षदों के साथ परिषद की इच्छाशक्ति की कमी सबसे बड़ी बाधक साबित हुई है।
आचार संहिता के साथ तकनीकी समस्या-
नगर विकास में आचार संहिता के साथ ही तकनीकी समस्या के कारण विकास के कार्य प्रभावित हुए हैं, बीच बीच में अधिकारियों के स्थानांतरण से भी कार्य प्रभावित हुए हैं। बजट के अभाव के कारण नगर के कई विकास के कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं, अब जल्द ही पेंडिंग प्रस्तावों पर अमल शुरू करदी गई है।
उर्मिला कटारे
नपा अध्यक्ष

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