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ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों में आई जागरूकता

Brijesh Chandra Sirmour

Publish: Dec 10, 2019 12:18 PM | Updated: Dec 10, 2019 12:18 PM

Shahdol

आरटीओ कार्यालय में लग रही लंबी कतारें, नए मोटर व्हीकल एक्ट का लोगों में दिख रहा है भय

शहडोल. संभागीय मुख्यालय के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में इन दिनों ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की लंबी कतारें लग रही हैं। सितंबर के पहले औसतन प्रतिदिन करीब 30 से 40 लर्निंग लाइसेंस बनते थे। अब हर दिन 100 से 150 लोग लाइसेंस बनवाने लोग पहुंच रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह नए मोटर व्हीकल एक्ट में भारी जुर्माने के प्रावधान का डर है। ड्राइविंग लाइसेन्स बनवाने में अब महिलाओं में भी काफी जागरूकता आई है और आरटीओ कार्यालय में उनकी भी लंबी कतार देखी जा रही है। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने पिछले एक सितंबर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू कर दिया है। इसमें भारी-भरकम जुर्माने का डर वाहन चालकों को सता रहा है और बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों में लाइसेंस लेने की होड़ मची हुई है। बुढ़ार रोड पर टोल नाका के पास स्थित आरटीओ कार्यालय में पिछले तीन महीने से ड्राइविंग लाइसेंस आवेदकों की संख्या अचानक बढ़ रही। लर्निंग से लेकर स्थाई लाइसेंस लेने वाले सैकड़ों लोग कतार में खड़े रहते हैं। बताया गया है कि बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर अब 500 रुपए की जगह पांच हजार रुपए तक जुर्माना भरना पड़ेगा। यह डर लोगों को सता रहा है।परिवहन अधिकारी भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि लोगों में लाइसेंस के लिए प्रति जागरूकता बढ़ी है और नए मोटर व्हीकल एक्ट का डर भी है।
तीन माह में दोगुने हो गए लाइसेंस के आवेदक
आरटीओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार माह सितम्बर से पहले तीन माह में कुल 2409 लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के आवेदन आए थे। वहीं नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद सितम्बर से नवम्बर माह तक आवेदकों का आंकड़ा 4546 तक पहुंच गया। यानि नया एक्ट लागू होने पर आवेदकों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
स्थाई लाइसेंस में भी दिखा रहे रूचि
बताया गया है कि नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के पहले काफी दवाब में अधिकांश लोग लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन तो कर देते थे, मगर परमानेन्ट लाइसेन्स की प्रक्रिया पूरी नहीं करते थे। जिससे उनका रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाता था, मगर पिछले तीन महीनों में लोग अब स्थाई लाइसेंस बनवानें में भी रूचि ले रहे है। सितम्बर माह के पहले तीन माह में मात्र 1615 लोगो ने स्थाई लाइसेंस बनवाया था, जबकि सितम्बर से नवंबर तक 2128 आवेदकों के स्थाई लाइसेन्स बनाए गए हैं।
सितम्बर माह के पहले आवेदकों की स्थिति
माह लर्निंग स्थाई
जून19 708 488
जुलाई19 902 656
अगस्त19 849 534
सितम्बर माह के बाद आवेदकों की स्थिति
माह लर्निंग स्थाई
सित.19 2288 605
अक्टू.19 1105 923
नवं.19 1153 600
नए एक्ट में प्रदेश व केन्द्र सरकार की उलझन
संभागीय मुख्यालय में जहां एक ओर मध्यप्रदेश शासन के जिम्मेदार अधिकारी प्रदेश में नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू नहीं होना बताते है। जबकि न्यायालय में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामले पहुंचने पर न्यायाधीशों द्वारा नए एक्ट के तहत ही कार्रवाई की जा रही है। जिससे आम जनों में असंमजस की स्थित बनी हुई है और कभी-कभी विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही है। न्यायालयीन अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मप्र सरकार द्वारा नए मोटर व्हीकल एक्ट के संबंध में अभी तक कोई नोटरीफिकेशन जारी नहीं किया गया है।
चार के खिलाफ हो चुका है भारी जुर्माना
दिनांक आरोपी धारा कारण जुर्माना
30सितम्बर पप्पू उर्फ राजेश 185 शराब पीकर गाड़ी चलाना 10हजार
11अक्टूबर दीपक विश्वकर्मा 185 शराब पीकर गाड़ी चलाना 10हजार
09 नवम्बर अरसद अंसारी 184-185 शराब पीकर वाहन तेजी से चलाना 11हजार 200
10 नवम्बर मोंटी बर्मन 184-185 बगैर कागजात के वाहन चलाना 19हजार

इनका कहना है
नया मोटर व्हीकल एक्ट आने के बाद आदिवासी अंचल के लोगों में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के प्रति काफी जागरूकता आई है। पिछले तीन महीने में युवाओं के साथ अब महिलाएं भी लाइसेंस बनवाने के लिए कार्यालय में पहुंच रही है।
आशुतोष सिंह भदौरिया, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, शहडोल

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नए मोटर व्हीकल एक्ट को प्रदेश में लागू नहीं करने संबंधी अभी तक कोई नोटरिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। इसलिए अभी नए नियम के तहत ही संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
नवीन वर्मा, जनसंपर्क अधिकारी, जिला अभियोजन, शहडोल

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