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हाजिरी नहीं लगाने वाले शिक्षकों के खिलाफ होगी कार्यवाही

Brijesh Chandra Sirmour

Publish: Jan 20, 2020 12:39 PM | Updated: Jan 20, 2020 12:39 PM

Shahdol

सरकारी स्कूलों के मात्र 27 % ही बच्चों की ही लग पाई है ऑनलाइन हाजिरी, डीपीसी ने जताई चिंता

शहडोल. प्राइमरी व मिडिल स्कूल में पढ़ रहे छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति को अनिवार्य किए जाने के बाद भी जिले के 73 प्रतिशत सरकारी माध्यमिक और प्राथमिक स्कूलों के बच्चों की ऑनलाइन हाजिरी नहीं लग पाई है। इसके लिए जिला परियोजना समन्वयक ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के निर्देश जारी किए है। बताया गया है कि ऑनलाइन हाजिरी के सिस्टम से संबंधित मुख्य बिन्दु, उद्देश्य व प्रक्रिया एप के माध्यम से दैनिक रूप से की जाने वाली गतिविधियों एवं मोबाइल एप की उपयोगिता संबंधित विवरण एवं एप यूजर मैन्युअल की जानकारी जिले समस्त 1627 शासकीय प्राथमिक विद्यालय एवं 497 शासकीय माध्यमिक विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा चुकी है। एप यूजर मैन्युअल के अनुसार इस माह जनवरी से समस्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, शिक्षको द्वारा स्टूडेंट अटेंडेंस लगाया जाना था, किन्तु विद्यालयों द्वारा उक्त निर्देशो का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है और जिले में 27.91 प्रतिशत ही विद्यालयों द्वारा उपस्थित दर्ज की गई है।
समीक्षा बैठक में जताई चिंता
बताया गया है कि प्रमुख सचिव शिक्षा विभाग द्वारा पिछले 13 जनवरी को राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में इस पर गहरी अप्रसन्नता व्यक्त की गई थी। साथ ही निर्देशित किया गया है कि जिन विद्यालयों के विद्यार्थियों की उपस्थिति प्रधानाध्यापक व शिक्षकों द्वारा हाजिरी ऑनलाईन स्टूडेंट अटेंडेंस सिस्टम में फीड नहीं किया जा रहा है। उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाये। यह भी सुनिश्चित किया जाये कि अब ऑनलाईन स्टुडेंट अटेंडेंस सिस्टम में ही बच्चों की हाजिरी दर्ज की जाये।
इनका कहना है
जिले के समस्त प्रधानाध्यापक और शिक्षक अपने विद्यालय के बच्चों का हाजिरी ऑनलाईन स्टूडेंट अटेंडेंस सिस्टम में उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करें अन्यथा उनके विरूद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही संस्थित की जावेगी।
डॉ. मदन त्रिपाठी
परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केन्द्र, शहडोल

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