स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

दो महीने बाद भी नहीं हुई 898 शौचालयों की जांच

Lav Kush Tiwari

Publish: Dec 09, 2019 10:00 AM | Updated: Dec 08, 2019 20:58 PM

Shahdol

नगरपालिका शहडोल का मामला, कलेक्टर ने दिए थे जांच के आदेश

शहडोल. नगरपालिका द्वारा नगर में ठेकेदार के माध्यम से बनाए गए घरों में शौचालयों में की गई अनियमिता की जांच जांच टीम ने दो महीने बाद भी जांच पूरी नहीं की है, जिससे मामला अधर में अटका हुआ है। इस मामले की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री ओंकार सिंह मरकाम से लगभग तीन महीने पहले नपा उपाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष इशहाक खान के साथ कांग्रेसी पार्षदों ने की थी और इसके बाद कलेक्टर ने तत्कालीन एसडीएम सोहागपुर धर्मेन्द्र मिश्रा और परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। इस मामले में जांच अधिकारियों ने आरआई नजूल और पटवारी तथा नपा के 39 वार्ड प्रभारियों से शौचालयों का भौतिक सत्यापन कराया जिसमें कई अनियमिताएं मिली हैं, लेकिन अब तक जांच टीम ने जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को नहीं दिया है।
बाक्स-
898 शौचालयों का करना था भौतिक सत्यापन-
जानकारी में बताया गया है कि ठेकेदार द्वारा नगर में 898 शौचालयों में से अधिकांश शौचालयों का निर्माण आधा अधूरा कराने के बाद इंजिनियरों की मिलीभगत से राशि का आहरण कर लिया जबकि मौके पर शौचालयों का निर्माण या तो अधूरा कराया गया अथवा कुछ हितग्राहियों के यहां बिना बनाए ही राशि आहरित कर ली गई। बताया गया है कि जांच टीम द्वारा लगभग 620 शौचालयों का अब तक भौतिक सत्यापन कराया गया है, जिसमें कई आवासों में दीवार तो कई में सीट तक नहीं लगाई गई है। बताया गया है कि लगभग 200 शौचालयों का निर्माण कराना तो दूर उनकी नींव तक नहीं खोदी गई है।
यह थे जांच के बिन्दु-
जांच टीम को जांच के दौरान वार्ड का नाम और हितग्राही का नाम और मकान नंबर, काटी गई 1500 रुपए जमा की रसीद, कब की स्वीकृति, निर्माण पूरा होने की तिथि के साथ शौचालय की भौतिक स्थिति और हितग्राही के बयान दर्ज किया जाना था।
2016-17 में बनाने थे 1636 शौचालय-
जानकारी में बताया गया है कि नपा द्वारा वर्ष 2016-17 में लगभग 1636 शौचालयों का निर्माण कार्य कराया जाना था, जिसमें हितग्राहियों से 1500 रुपए जमा कराने के बाद उन्हे बकायदे रसीद दी जानी थी। इसके बाद नपा ठेकेदार के माध्यम से ठेकेदार द्वारा लगभग 12 हजार 500 रुपए की लागत से प्रति हितग्राहियों के यहां शौचालयों का निर्माण कार्य कराया जाना था लेकिन आरोप और शिकायत के अनुसार नगर में लगभग 898 शौचालयों का निर्माण ठेकेदार द्वारा आधा अधूरा कराया गया और कुछ का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया गया।
की जा रही जांच
कलेक्टर साहब के आदेश के बाद नगर में शौचालयों का भौतिक सत्यापन कराया गया है। कुछ शौचालय अभी अधूरे मिले हैं, कुछ का निर्माण नहीं होने से भुगतान भी ठेकेदार को नहीं किया गया है। लगभग 6 सौ से अधिक शौचालयों के सत्यापन का कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही जांच प्रतिवेदन कलेक्टर साहब को दिया जाएगा।
अमित तिवारी
जांच अधिकारी पीओ डूडा
शहडोल

[MORE_ADVERTISE1]