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महिलाओं ने की महालक्ष्मी की पूजा

Santosh Dubey

Publish: Sep 22, 2019 21:11 PM | Updated: Sep 22, 2019 21:11 PM

Seoni

माता के अष्टस्वरूपों का किया ध्यान

सिवनी/छपारा. श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर गोल्डन टेम्पल वैनगंगा तट छपारा में महिलाओं ने हाथी में सवार महालक्ष्मी माता की पूजन विधि-विधान से किया एवं देर रात्रि तक जागरण कर भजन आराधना किया महाप्रसाद का वितरण किया गया।
इसी प्रकार जिले के अनेक गांव में महिलाओं ने महालक्ष्मी की पूजा की। गणेश मंदिर पुजारी पं. हरि प्रसाद तिवारी ने बताया कि इस व्रत को करने से दरिद्रता दूर होती है। धन और वैभव की देवी माता लक्ष्मी की विधि विधान से पूजा करने पर सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। महिलाओं ने पूजन के लिए संध्याकाल में घर के पूजाघर में एक चौकी की स्थापना की और उसके ऊपर लाल कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर केसर मिले चन्दन से अष्टदल बनाएं। अष्टदल पर चावल रखकर उसके ऊपर जल से भरा हुआ कलश स्थापित किया। स्थापित कलश के पास पास हल्दी से कमल बनाकर उसके ऊपर माता लक्ष्मी की मूर्ति की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा की।
महिलाओं ने माता के अष्टस्वरूपों का ध्यान किया। और देवी के अष्टस्वरूपों की कुमकुम, गुलाल, अबीर, अक्षत, हल्दी, मेंहदी, वस्त्र और सुगंधित फूल समर्पित कर पूजा की। माता के समक्ष सुगंधित धूपबत्ती जलाए और गाय के घी का शुद्ध दीपक जलाकर देवी महालक्ष्मी की आरती की। पूजास्थल पर बैठकर श्रीसूक्त, कनकधारा स्त्रोत, महालक्ष्मी स्त्रोत में से किसी एक का पाठ किया गया।