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ट्रक का कर बकाया फायनेंस कंपनी ने बेच दिया जप्त कर दूसरे को

Mantosh Kumar Singh

Publish: Sep 21, 2019 11:52 AM | Updated: Sep 21, 2019 11:52 AM

Seoni

शासन के कर चोरी का लगाया जा रहा अनुमान

सिवनी. जिले में ट्रक चोरी के झूठे प्रकरण दर्ज होने। कबाड़ में बेचने और वहां से बरामद होने। चेचिस नंबर को बदलकर चलाने के मामले के बीच एक और चौकाने वाला मामला सामने आया है। इसमें एक फायनेंस कंपनी पर आरोप है कि उसने बरघाट थाना क्षेत्र के धारनाकला निवासी अशरफ अली के ट्रक को लोन का किश्त नहीं पटाने पर बिना नोटिस दिए जप्त किया। इसके बाद उसे छिंदवाड़ा के एक व्यक्ति को बेच दिया। खास है कि इस मामले में जब ट्रक बेचा गया तो उस पर परिवहन विभाग का कर बकाया था, जिसने ट्रक खरीदा है उसने अब तक धारनाकला निवासी अशरफ के नाम से अपने नाम पर स्थानांतरण नहीं करवाया है। यह दांवा अशरफ ने किया है। उसने ट्रक जप्त किए जाने की पूर्व में सूचना नहीं देने पर चोरी की शिकायत की। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन सहित आलाधिकारियों से शिकायत किया है।
धारनाकला निवासी अशरफ का कहना है कि उसने वर्ष २०१४ में साढ़े पांच लाख रुपए में ट्रक खरीदा। ढाई लाख रुपए फायनेंस करवाया। जुलाई २०१६ के पूर्व तक उसने करीब पौने तीन लाख रुपए पटाया था। इसबीच उसके किश्त जमा नहीं हुए। इस पर फायनेंस कंपनी ने बिना उसको सूचना दिए अगस्त २०१६ में ट्रक जप्त कर लेकर चली गई। ट्रक जप्त होने की जानकारी उसको जब वह चोरी की शिकायत करने बरघाट थाने पहुंचा तब हुई। उसने इसकी शिकायत कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से भी की। इसबीच कोई कार्रवाई नहीं हुई। विगत कुछ माह पूर्व उसको परिवहन विभाग बालाघाट से नोटिस आया कि वह अपने ट्रक के बकाया कर का भुगतान करें। इस पर वह कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले से अवगत कराया तो उसे बताया कि यह कर उससे ट्रक जप्त होने के पूर्व का मांगा जा रहा है। शेष कर फायनेंस कंपनी से लिया जाएगा। अशरफ ने बताया कि जब वह फायनेंस कंपनी से संपर्क किया तो उसे बताया गया कि उसका ट्रक छिंदवाड़ा के किसी व्यक्ति को बेच दिया गया है। अशरफ का दांवा है कि छिंदवाड़ा का व्यक्ति उसके नाम का स्थानांतरण कराए बिना ट्रक चला रहा है। उसका कहना है कि ऐसा फायनेंस कंपनी और उक्त व्यक्ति द्वारा शासन के राजस्व कर की चोरी के लिए किया जा रहा है। उसने बताया कि उसका यह मामला केवल एक मात्र बानगी है। यदि जांच की जाए तो सरकार के करोड़ों रुपए के राजस्व चोरी का मामला इस तरह के प्रकरण में सामने आएंगे। अशरफ ने कहा है कि फायनेंस कंपनी ने ट्रक का कर जमा किए बिना कैसे बेच दिया। यह सवाल खड़ा हो रहा है। उधर आरटीओ बालाघाट से अशरफ के अलावा फायनेंस कंपनी को भी नोटिस जारी किया गया है।

नौ अगस्त २०१९ को सीएम हेल्पलाइन में की शिकायत
अशरफ ने इस मामले में नौ अगस्त २०१९ को सीएम हेल्पलाइलान में क्रमांक ८९४५६३१ से शिकायत की। त्वरित जवाब २० सितंबर को एल-३ अधिकारी ने देते हुए कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा विगत वर्षों से कई बार शिकायत की गई है। इसका जवाब दिया जा चुका है। दोनों पक्षों द्वारा नियमानुसार वाहन का कर जमा करने उपरांत ही निराकरण संभव है। सक्षम अधिकारी द्वारा दिए गए प्रतिवेदन के आधार पर शिकायत को विलोपित करने की अनुशंसा पर शिकायतकर्ता की शिकायत सीएम हेल्पलाईन से प्रतिवेदन के आधार पर शिकायत को विलोपित किया जाए।

जांच कर कमिश्नर को भेज दी है रिपोर्ट
इस मामले में पूर्व में भी शिकायत हुई है। जांच कर इसकी रिपोर्ट कलेक्टर व कमिश्नर को भी भेजा गया है। शिकायतकर्ता को भी बता दिया गया है।
- आरएस चिकवा, आरटीओ बालाघाट