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मिट्टी लाने में लगाई जाती है आपत्ति

Santosh Dubey

Publish: Aug 20, 2019 20:25 PM | Updated: Aug 20, 2019 20:25 PM

Seoni

बढ़ती महंगाई और कीमत नहीं मिलने से मूर्तिकार इस कला से बना रहे दूरियां

 

केवलारी. इन दिनों मूर्तिकार गणेश प्रतिमा बनाने में जुटे हुए हैं। बारिश के इस मौसम में मूर्ति बनाने में जुटे मूर्तिकारों के समक्ष मूर्ति को गीले होने से बचाने के लिए, मूर्ति बनाने के लिए लगने वाली बड़ी जगह की जहां समस्या बनी हुई है वहीं मिट्टी लाने के लिए वन विभाग समेत अन्य परेशानियों का भी सामना किए जाने की बात मूर्तिकारों ने बताई है।
बाजार चौक केवलारी मूर्तिकार गौरीशंकर प्रजापति ने बताया कि मूर्ति बनाने में प्रयुक्त मिट्टी लाने में आपत्ति लगाई जाती है। इसके साथ ही रंग, लकड़ी आदि मटेरियल महंगा मिल रहा है और मजदूरों को हर साल दी जाने वाली मजदूरी भी बढ़ जाती है लेकिन मूर्ति के खरीदार पिछले साल की कीमत के हिसाब से ही मूर्तियां मांगते हैं।
कई जिलों में जारी है मूर्तियां
मूर्तिकार प्रजापति ने बताया कि वे कई सालों से मूर्तियां बनाते चले आ रहे हैं। लगभग 150 मूर्तियां बनाई जाती है। यहां बनी मूर्तियां केवलारी व आसपास के ग्राम क्षेत्रों समेत सिवनी मुख्यालय, नैनपुर (मण्डला),बालाघाट, जबलपुर आदि जगहों पर जाती हैं।
वहीं उन्होंने बताया कि गणेश व दुर्गा प्रतिमाएं बनाते समय सभी मूर्तिकारों के समक्ष बड़ी जगह मिलने की समस्या हमेशा बनी रहती है। कॉलोनियों के बनने से रिक्त जमीन की समस्या रहती है। इसके साथ ही मौसम से सुरक्षा के लिए अतिरिक्त खर्च व्यय करना पड़ता है। वहीं हर साल महंगे होते मटेरियल, मजदूरी आदि के चलते प्रति मूर्ति का मूल्य बढ़ते ही जाता है। जिसके चलते मूर्तिकारों को अब ज्यादा लाभ नहीं होता है। सिर्फ लागत ही निकल पाती है। सरकार से यहीं चाहते हैं कि मूर्तिकारों को अनेक सुविधाएं मिलनी चाहिए जिससे मूर्तिकार अपनी कला से दूर होकर अन्य व्यवसाय की ओर झुक रहे हैं तो वे न जाए।