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बता रहे हैं एक्सपर्ट, सभी सर्प नहीं होते विषैले

Sunil Vandewar

Publish: Jul 19, 2019 12:33 PM | Updated: Jul 19, 2019 12:33 PM

Seoni

बारिश में बढ़ी सर्प निकलने की घटनाएं

सिवनी. वन वृत्त सिवनी के अंतर्गत मुख्य वन संरक्षक उडऩदस्ता दल द्वारा लगातार सरीसृपों का रेस्क्यू कार्य किया जा रहा है। लोगों में सांपो को लेकर तरह तरह की भ्रांतियां और गलत धारणा बनी हुई है जिन्हें दूर करने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। बारिश के इन दिनों में सर्प के रिहायशी इलाकों में निकलने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
उडऩ दस्ता दल में पदस्थ रेस्क्यू एक्सपर्ट अर्पित मिश्रा द्वारा लगातार कार्यशालाओं का आयोजन कर इस संबंध में लोगों को सही जानकारियाँ प्रदान की जा रही हैं। साथ विभागीय कर्मचारियों को सर्प एवं वन्यप्राणियों को सुरक्षित रेस्क्यू करने की विधि भी सिखा रहे हैं।
विश्व सर्प दिवस पर मंगलवार को गंगा नगर निवासी नीरु निर्मलकर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक बड़ा सर्प घर मे दिख रहा है मोके पर पहुंच कर मिश्रा द्वारा सर्प को रेस्क्यू किया। सर्प होने के कारण लोगों की अत्ययधिक भीड़ एकत्रित हो गई थी तब उन्हें जानकारी दी गई कि यह धामन सांप है और इससे कोई खतरा नहीं, धामन सांप को लेकर लोगों में भ्रांतियां भी हैं कि इसके पूंछ में जहर होता है या ये पूंछ से मरता है तब उन्हें बताया कि ये सब गलत जानकारी है। असल मे धामन सांप बिल्कुल भी जहरीला नहीं होता बल्कि धामन सांप की उपस्थिति जहरीले सर्पो को दूर रखती है।
रेस्क्यू के दौरान भी लगातार लोगों को सही जानकारियां दी जा रही है साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को सर्पों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर प्रयास किए े जा रहे हैं। सिवनी में हुई अधिकतर सर्प दंश की घटनाओं के पता चलने पर तत्काल मोके पर पहुंच कर पीडि़तों की सहायता की जा रही है। इस क्रम में मिश्रा द्वारा जहरीले सांपो द्वारा काटे जाने पर तत्काल लोगों की सहायता की एवम सभी मामलों में सफतला पूर्वक लोगों की जीवन रक्षा में अपना योगदान दिया। एवं लोगों से संपर्क कर लगातार जानकारियां साझा की जा रही है सर्प दंश की घटनाओं में बिना देरी किये तत्काल जि़ला अस्पताल जाना चाहिए। सर्पदंश का एक ही इलाज है एंटी वेनम सीरम जो अस्पतालों में उपलब्ध है।
बताया कि ज्यादातर सर्पदंश बिना जहर वाले साँपो के द्वारा होते है पर घबराहट और अज्ञानतावश लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ जाता है। झाडफ़ूंक,जादू-टोना बाबा ओझा के चक्कर में समय बर्बाद करने से कई लोगों की मृत्यु हो गई है। जहरीले सर्पों का अनुपात कम है इसलिए ज्यादातर मामलों में सर्प दंश की घटनाओं में मृत्यु नहीं होती और लोग समझते है झाड़-फूंक की वजह से जान बच गई।
सांपो को मारने या छेड-छाड़ करने की भूल कभी न करें। सर्प दंश की अधिकतर दुर्घटना, इसी वजह से होती है। सर्प कभी इन्सान को सामान्य स्थति में नहीं काटता। जब तक उसे आपका स्पर्स न हो या आप उसके अधिक नजदीक न हो। साथ ही वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत सांपो को मारने पर 3 से 7 साल तक कि सजा एवं अर्थ दंड का प्रावधान है।
सर्पो का पृथ्वी के परिस्थितिक तन्त्र को बनाए रखने में बहुत बड़ा योगदान है। साथ ही इनके जहर से गंभीर बीमारियों की दवाएं भी तैयार की जा रही है। इन्हें जानें-पहचाने व संरक्षण में योगदान दे।