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नेमावर हरदा में धनौरा के बीआरसीसी का हुआ सम्मान

Santosh Dubey

Publish: Oct 07, 2019 20:07 PM | Updated: Oct 07, 2019 20:07 PM

Seoni

चलो अच्छा पढाएं, स्कूल बचाएं मुहिम को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

सिवनी. शिक्षकों द्वारा चलाई जा रही 'चलो अच्छा पढाएं, स्कूल बचाएंÓ मुहिम के द्वारा शासकीय विद्यालयों की साख को बचाने के लिए किए गुणवत्ता सुधार एवं प्रारम्भिक शासकीय शिक्षा के आकर्षक बनाने के लिए शिक्षकों द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की सराहना करते हुए प्रथम डॉ. गुलाब चंद चौरसिया पुरस्कार आचार्य श्रीविद्यासागर महाराज के समक्ष जैन तीर्थस्थल नेमावर हरदा में बीआरसीसी धनौरा प्रकाश ठाकुर को दिया गया।
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में शिरकत करने देश भर से शिक्षक और शिक्षाविद आए थे। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि आचार्यश्री ने शिक्षा पर आधे घण्टे का प्रवचन दिए। नई शिक्षा नीति के ड्राफ्ट के लिए आवश्यक सुझाव के लिए, आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व इसरो प्रमुख कस्तूरी रंजन जो स्वयं अपनी टीम के साथ आचार्यश्री के पास आए थे। आचार्यश्री ने नई शिक्षा नीति पर उन्हें दिए गए मूल्यवान सुझावों को भी संगोष्ठी में साझा किए।
आचार्यश्री ने बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही कि यदि आप लोग भारत को विश्व गुरु के रूप में देखना चाहते हो तो मातृभाषा को ही शिक्षा का माध्यम बनाओ। अंग्रेजी माध्यम का मोह हमें छोडऩा होगा। अंग्रेजी को केवल भाषा के रूप में सीखों और सिखाओ। क्योंकि भारतीय संस्कृति और ज्ञान समृद्ध, पुरातन और वैज्ञानिक है जिसमें मानवीय मूल्यों का विशेष स्थान है और ये ज्ञान संस्कृत और भारतीय भाषाओं में ही आत्मसात किया जा सकता है। अनुवाद से मौलिकता समाप्त होती है और गुणवत्ता का ह्रास होता है।
इस कार्यक्रम में धनौरा विकासखण्ड के 16 शिक्षक नीलेश जैन जनशिक्षक बेगरवानी की पहल पर उपस्थित हुए। बीआरसीसी धनौरा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पुरस्कार में टीम धनौरा के सभी समर्पित शिक्षकों, जनशिक्षक एवं बीएसी के साथ समस्त स्टाफ को समर्पित करता हूं।