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गांवों की सड़कों पर दौड़ रहे ओवर लोड डंपर

Radheshyam Rai

Publish: Jan 14, 2020 10:14 AM | Updated: Jan 14, 2020 10:14 AM

Sehore

गांव की सड़कों पर सरपट दौड़ रहे रेत के ओवर लोड डंपर, जर्जर हुईं सड़कें

सीहोर. प्रशासन की कार्रवाई का असर रेत माफियाओं पर होता नजर नहीं आ रहा है। रेत माफिया ने अब गांवों की सड़कों को रेत के अवैध परिवहन के लिए उपयोग करना शुरू कर दिया है।

गांव की सड़कों से ओवर लोड डंपरों के निकलने के कारण सड़कें समय से पूर्व ही जर्जर होने लगी हैं। वहीं ग्रामीणों में भी सरपट दौड़ते डंपरों के कारण हादसों का भय बना रहता है।

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ग्रामीणों ने बताया कि रेत खदानों, नर्मदा घाट से रेत भरकर लाते ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं डंपर जो अवैध तरीके से परिवहन कर लाते हैं। नसरुल्लागंज की ओर से इछावर सीहोर तरफ जा रहे हैं।

रेत के ओवरलोड डंपर एवं ट्रैक्टर-ट्राली इछावर ओर नसरुल्लागंज के बीच हाईवे रोड पर बोरदीकाल टोल पड़ता है। जिसे बचाने के लिए रेत माफिया अपने अवैध रेत के ओवरलोड डंपर एवं ट्रैक्टर-ट्राली बोरदीकाल टोल से पहले ही नादान, गुराड़ी, फांगिया आदि रास्ते से निकल जाते हैं।

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ओवरलोड डंपर के कारण मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत बनी सड़कें समय से पहले ही। बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील होने लगी हैं। यह रेत डंपर गुराड़ी, फांगिया होते हुए ब्रिजिशनगर एवं वहां से होते हुए कनेरिया, रामगढ़ जामुन, छापरी, सनखेड़ा, आदि गांवों से निकल कर सीहोर और झागरिया बिलकिसगंज पहुंच रहे हैं।

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समय से पूर्व जर्जर हो रहीं सड़कें
ऐसा नहीं है कि गांव से निकलने वाले ओवरलोड रेत के डंपरों को रोकने के लिए ग्रामीणों ने विरोध नहीं किया हो। पिछले दिनों गांव फांगिया के कुछ ग्रामीण लोगों ने रोड पर रेत के ओवरलोड डंपर एवं ट्रैक्टर-ट्राली को रोककर विरोध किया था।

इसके बावजूद भी आज तक अंकुश नहीं लग सका है। इसके चलते इछावर के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क समय से पूर्व ही जर्जर होने लगी हैं। जो सड़कें खराब हुई हैं उनमें नादान से कालिया देव, अलीपुर, मायापानी तक की सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। वहीं गुराड़ी से फांगिया, ब्रिजिशनगर, जामुन, छापरी, सोनूखेड़ा, पांगीर, बिलकिसगंज तक की सड़क जर्जर हो चुकी हैं।