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मृत्युभोज करने के बजाए पत्नी ने 1.5 लाख रुपए श्मशान घाट के लिए किए दान

Amit Mishra

Publish: Sep 12, 2019 17:32 PM | Updated: Sep 12, 2019 17:32 PM

Sehore

100 साल की आयु में पति का निधन होने पर 95 वर्षीय पत्नी ने की सकारात्मक पहल

सीहोर। एक 95 वर्षीय महिला ने 100 साल के पति की मौत husband death के बाद सामाजिक बुराई Social evil के खिलाफ लडऩे की हिम्मत की है। परिवार और समाज के सहयोग से महिला ने निर्णय लिया है कि वह सामाजिक बुराई मृत्यभोज का विरोध करेगी। महिला Wife donated ने बेटों के द्वारा पिता के मृत्यभोज के लिए एकत्रित की गई डेढ़ लाख 1.5 lakh rupees रुपए की राशि मंदिर, श्मशान घाट cremation ground में पार्क और समाज की धर्मशाला के निर्माण को दान की है।

जगन्नाथ राठौर का देहावसान हो गया
जानकारी के अनुसार 4 सितंबर को गंज निवासी रिटायर प्रधान अध्यापक जगन्नाथ राठौर का देहावसान हो गया। वे दो महीने कम पूरे 100 साल के थे। जगन्नाथ राठौर के चार बेटे हैं। दो बेटे अवधनारायण और बालकृष्ण राठौर शासकीय सेवा से रिटायर हो चुके हैं और तीसरे नंबर के राजेन्द्र राठौर जिला अस्पताल में सरकारी नौकरी कर रहे हैं और सबसे छोटे महेश खेती करते हैं।


सामाजिक कार्य के लिए दान कर दिए
पिता की मौत के बाद चारों मृत्युभोज करने की तैयारी कर रहे थे, तभी राठौर समाज के लोग आगे आए और उन्होंने मृत्यभोज जैसी बुराई के खिलाफ अपने कदम आगे बढ़ाने के लिए जगन्नाथ राठौर की पत्नी कलादेवी (95) को प्रेरित किया। कलादेवी का पूरा परिवार आगे आया और मृत्यभोज के लिए रखे डेढ़ लाख रुपए सामाजिक कार्य के लिए दान कर दिए।

 

समाज को नकद भेंट की राशि
बुधवार को संकल्प लेने के साथ ही महिला ने मृत्यभोज के लिए रखी डेढ़ लाख की राशि समाज को नगद भेंट कर दी है। समाज अपने हिसाब से राशि को निर्माण कार्य में लगाएगा। सीहोर में राठौर समाज पिछले कई महीनों से ऐसी पहल कर रहा है। सीहोर में पहले भी कई व्यक्ति मृत्यभोज की राशि समाजसेवा के कार्यों के लिए दान कर चुके हैं।


तीन सामाजिक कार्य में लगेगी राशि
राठौर क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष सतीश राठौर ने बताया कि कला देवी राठौर द्वारा पति का मृत्युभोज करने के बजाय दान की गई राशि समाज तीन सामाजिक कार्य में लगाएगा। 51 हजार रुपए आर्य समाज के मंदिर में लगाए जाएंगे। मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा और 51 हजार रुपए राठौर समाज की धर्मशाला में लगाए जाएंगे। शेष 51 हजार रुपए की राशि मंडी स्थित विश्राम घाट में पार्क निर्माण के लिए उपयोग की जाएगी।