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किसान और व्यापारी पर मौसम का कहर

Kuldeep Saraswat

Publish: Oct 21, 2019 12:05 PM | Updated: Oct 21, 2019 12:05 PM

Sehore

सीहोर, आष्टा और नसरुल्लागंज में दो दिन से आसमान में छाए बादल, रविवार को दोपहर बद हल्की बारिश

सीहोर. त्योहार के समय किसान और व्यापारी पर मौसम की ऐसी मार पड़ रही है कि जिसका असर पूरे साल देखने को मिलेगा। पहले तो अतिवृष्टि के कारण सोयाबीन की चमक फीकी पड़ गई और जब मौसम साफ हुआ तो फसल घर आने से पहले ही दीपावली का त्योहार सामने आ गया। खेत में काम कर रहा किसान त्योहार को लेकर जैसे-जैसे समय निकाल बाजार की तरफ रूख कर ही रहा था कि मौसम फिर से खराब हो गया है। रविवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे, डेढ़ घंटे रिमझिम बारिश हुई। मौसम खराब देख किसान फिर से खेतों की तरफ दौडऩे लगे हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ेगा।

आरएके कृषि महाविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि अभी दो दिन तक मौसम ऐसा ही रहेगा। हवाओं की दिशा पूर्व से बनी हुई है और जिले में हल्की रिमझिम बारिश का अनुमान है, 22 अक्टूबर से मौसम में सुधार होगा। डॉ. तोमर ने किसानों को सलाह दी है कि वह सोयाबीन कटाई करें और फसल को सूखे स्थान पर सुरक्षित रखें। किसान इस हल्की बारिश को देख रवी सीजन की बोवनी में जल्दी नहीं करें। गेहूं और चना की बोवनी के लिए यह समय अनुकूल नहीं है। 30 अक्टूबर से पहले बोई गई चना की फसल पर पाला पडऩे की संभावना ज्यादा रहती है।

एडवांस बुकिंग पर ग्राहकों को भरोसा
दीपावली के त्योहर को लेकर बाजार सज गए हैं, लेकिन खेती किसानी का समय होने के कारण भीड़ कम दिख रही है। बाजार में भीड़ कम होने का प्रमुख कारण यह है कि खेती किसानी के काम में व्यस्त लोग बाजार में चार दुकानों पर घूमने के बजाय अपनी भरोसेमंद दुकानों पर फोन कर अपनी पसंद और जरूरत का सामान बुक करा रहे हैं। बुकिंग को देखकर ऐसा लग रहा है कि इस बार धनतेरस को त्योहार काफी अच्छा रहेगा। व्यापारी भी धनतेरस और पुष्य नक्षत्र में होने वाली खरीदारी को लेकर काफी उत्साहित दिख रहे हैं। व्यापारियों का तर्क है कि जैसे-जैसे किसान खेत के काम से फ्री हो रहा है, खरीदारी में रूचि ले रहा है। दीपावली का त्योहार अच्छा रहेगा।


ज्यादा बारिश से सोयाबीन को नुकसान तो गेहूं को फायदा
जिले में इस बार बारिश ने सभी पुराने रेकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ज्यादा बारिश से सोयाबीन को नुकसान हुआ है तो गेहूं को फायदा भी होगा। पिछले साल जिले में रवी की बोवनी करीब तीन लाख 60 हजार 600 हेक्टेयर में की गई थी। इस बार अच्छी होने पर कृषि विभाग ने रवी का लक्ष्य तीन लाख 94 हजार 380 हेक्टेयर कर दिया है। गेहूं का रकबा करीब 47 हजार हेक्टेयर बढ़ा है। चना का कम हो गया है। पिछले साल एक लाख 14 हजार 300 हेक्टेयर में दलहनी फसल चना, मसूर, मटर और तिवड़ा की बोवनी की गई थी, इस साल इसका लक्ष्य एक लाख एक हजार हेक्टेयर रखा गया है।


कहां पर कितनी देर बारिश
आष्टा : दोपहर के समय करीब डेढ़ घंटे के लिए हल्की बारिश हुई। बारिश के कारण यहां पर खेतों की मिट्टी गीली हो गई है। किसानों को सोयाबीन की कटाई के लिए एक दिन रूकना पड़ेगा।
नसरूल्लागंज : क्षेत्र में शनिवार रात में तेज बारिश का दौर शुरू हुआ है। रविवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और शाम चार बजे के हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया। खेतों में पड़ी सोयाबीन की फसल गीली हो गई है।
रेहटी : क्षेत्र में शाम 4 बजे हल्की बारिश शुरू हुई। यहां पर शनिवार को भी कुछ देर के लिए बारिश हुई थी। बारिश के कारण खेती-किसानी का काम प्रभावित हुआ है।
सीहोर : जिला मुख्यालय पर दो दिन से मौसम खराब है। रविवार को दोपहर बाद करीब डेढ़ घंटे के लिए रिमझिम बारिश हुई है। बारिश के कारण किसान चिंतित हो गए हैं।

कौन क्या कहता है...
- किसान समय के अभाव और हाथ में अभी नगदी नहीं आने को लेकर त्योहर के लिए सामग्री की बुकिंग में ज्यादा रूचि ले रहे हैं। धनतेरस से बाजार में अच्छा उठाव आएगा।
राजेश अग्रवाल

- मौसम के कारण त्योहार फीका पड़ रहा है। खेती-किसानी से फ्री होने पर खरीदारी करेंगे। हमने तो इस बार सेठ को फोन कर जरूरत के सामान की बुकिंग करा दी है।
जीवन सिंह वर्मा, उलझावन

- बारिश के कारण सोयाबीन में काफी नुकसान हुआ है। अब यह जो फिर से बारिश चालू हो रही है, इससे तो किसान को बहुत नुकसान होगा, अभी करीब 50 फीसदी किसानों की फसल खेत में पड़ी है।
भोपाल सिंह परमार, बमूलिया