स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

रवींद्र संस्कृति भवन में कराए गए तीन करोड़ के सौंदर्यीकरण की खुली पोल

Kuldeep Saraswat

Publish: Jan 13, 2020 14:27 PM | Updated: Jan 13, 2020 14:27 PM

Sehore

ओपन जिम में पांच महीने पहले लगाई गईं मशीन ठेकेदार का भुगतान होने से पहले टूटीं

सीहोर. नगर सुधार न्यास रवींद्र संस्कृति भवन (हाउन हॉल) जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो रहा है। ऑडिटोरियम की दीवारों से प्लाटर झडऩे लगा है। बालकनी को इंजीनियर्स ने आउटडेटेड घोषित कर दिया है। हादसे के डर से यहां पर दर्शकों के बैठने की मनाई है। रवींद संस्कृति भवन की यह स्थिति तब है, जब इसके सौंदर्यीकरण पर नगर पालिका लगातार बजट को ठिकाने लगा रही है। बीते 9 साल में नगर पालिका ने रवींद्र संस्कृति भवन के सौंदर्यीकरण पर करीब तीन करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इतनी मोटी रकम खर्च होने के बाद भी हालत यह है कि एक्यूप्रेशर ट्रैक साइड से टूटने लगा है।

[MORE_ADVERTISE1]

ओपन जिम की अधिकांश मशीन टूट कबाड़ हो गई हैं। परिसर में लगे पेवर ब्लॉक कुछ जगह धस गए हैं और कुछ टूटने लगे हैं। साफ सफाई भी नियमित नहीं हो रही है, ओपन एरिया में घुटने-घुटने घास खड़ी है। सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, रात को असामाजिक तत्व बैठे रहते हैं। सांस्कृतिक, राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रम होने पर पीने के लिए पानी की व्यवस्था बाहर से करनी पड़ती है। यहां पीने तक का पानी नहीं है। बच्चों के लिए लगाए गए झूले टूट गए हैं। अब नगर पालिका फिर से टाउन हॉल के विकास की योजना बना रही है। 08 जनवरी को आयोजित परिषद के साधारण सम्मेलन में विकास की योजना को परिषद की हरीझंडी मिल गई है। नगर पालिका के अफसर और ठेकेदारों के लिए टाउन हॉल सिर्फ जेब भरने का जरिया बनकर रह गया है।

[MORE_ADVERTISE2]

भुगतान से पहले टूटी जिम की मशीन
नगर पालिका ने रवींद संस्कृति भवन में ओपन जिम का कार्य करीब 20 लाख रुपए की लागत से कराया है। ओपन जिम में व्यायाम के लिए मशीन चार महीने पहले ही लगाई गई हैं। नगर पालिका ने अभी ठेकेदार का भुगतान नहीं किया है, उससे पहले आधी से ज्यादा मशीन टूटकर कबाड़ में पहुंच गई। ओपन जिम में व्यायाम के लिए लगाई गई मशीन की क्वालिटी इतनी खराब है कि चार एक साल भी नहीं चल सकीं।

एक हजार से ज्यादा व्यक्ति पहुंते हैं रोज
रवींद संस्कृति भवन पर एक दिन में करीब एक हजार लोग प्रतिदिन घूमने पहुंचते हैं। महिला और बच्चे भी बड़ी संख्या में मॉर्निंग वॉक के लिए यहां जाते हैं। हर व्यक्ति की नजर होने के बाद भी रवींद संस्कृति भवन के विकास कार्य के नाम पर औपचारिकता पूरी कर बजट को ठिकाने लगाया जा रहा है। नगर पालिका के इस रवैए को लेकर लोग काफी नाराज हैं। मॉर्निंग वॉक के लिए आने वाली हेमलता गुप्ता ने बताया कि अफसर और नेता जेब भरने में लगे हैं।

[MORE_ADVERTISE3]

संस्कृति भवन के विकास की कहानी
- साल 2015 में नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा के समय टाउन हॉल के सैंदर्यीकरण की योजना बनाई गई। करीब सवा करोड़ रुपए खर्च किए गए। टाउन हॉल के सौंदर्यीकरण की बाउंड्रीवॉल और दूसरे काम पूरे होने से पहले भी परिषद का कार्यकाल खत्म हो गया।
- साल 2016 में नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर अमिता अरोरा बैठ गईं। परिषद ने पुराना निर्माण कार्य कराया और अलग-अलग एस्टीमेट बनाकर करीब सवा करोड़ रुपए के काम और करा दिए। पेवर ब्लॉक, भारत माता की प्रतिमा, ऑडिटोरियम की रंगाई, पुताई, ओपन जिंग आदि का काम कराया।
- साल 2020 में नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर नमिता राठौर को नॉमिनेट कर दिया गया है। इन्होंने भी सबसे पहले टाउन हॉल के विकास की योजना का प्रस्ताव परिषद की बैठक में पारित कराया है। अब फिर से टाउन हॉल का विकास होगा।

फैक्ट- फाइल
- 31 जनवरी 1987 को मुख्यमंत्री मोतीलाल बोरा ने शिलान्यास किया।
- 05 फरवरी 1991 को मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा ने लोकार्पण किया।
- 15 जुलाई 2015 को विधायक सुदेश राय ने सौंदर्यीकरण के लिए भूमि पूजन
- 09 साल में नगर पालिका ने सौंदर्यीकरण पर तीन करोड़ से ज्यादा का किया खर्चा
- 1000 व्यक्ति प्रतिदिन पहुंचे हैं नगर सुधार न्यास

कौन क्या कहता है...
- यह एजेंटा 10 जुलाई 219 को स्थगित साधारण सम्मेलन का था, इसलिए परिषद के समक्ष रखा था। टाउन हॉल के विकास को लेकर अभी कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है, पुराने भुगतान ही रूके हैं।
नमिता राठौर, अध्यक्ष नगर पालिका सीहोर

- फिलहाल टाउन हॉल के सौंदर्यीकरण के लिए कोई योजना नहीं बनाई जा रही है। यह एजेंडा पुराना था, जिसमें केवल ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए प्लान बनाने की बात हुई है। हम अभी जो भी मेंटेनेंस के काम कराएंगे, नगर पालिका खुद कराएगी।
संदीप श्रीवास्तव, सीएमओ नगर पालिका सीहोर