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वाहनों की संख्या हुई दोगुनी, फिर भी ट्रैफिक पुलिस-संसाधन में नहीं हुआ इजाफा

Anil Kumar

Publish: Jan 16, 2020 12:32 PM | Updated: Jan 16, 2020 12:32 PM

Sehore

अमला कम होने से नहीं सुधर रही यातायात व्यवस्था

सीहोर.
पिछले पांच सालों में छोटे से लेकर बड़े वाहनों की संख्या दोगुनी हो गई है। उसके बावजूद सीहोर शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने ट्रैफिक पुलिस के रिक्त पदों पर पदस्थापना और संसाधनों में कोई इजाफा नहीं हुआ है। जिससे व्यवस्था पटरी पर आने की बजाए बिगड़ती जा रही है। इसका खामियाजा हर दिन लोगों को जाम में फंसने के बाद परेशानी के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

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सीहोर की आबादी सवा लाख पहुंचने के बावजूद यहां पर यातायात व्यवस्था सुधारने पर्याप्त ट्रैफिक अमला और संसाधन नहीं है। जितना अमला है उनकी संख्या कम होने से वह कम ही जगहों पर नजर आते हैं। इससे मुख्य सड़क हो या फिर बाजार में दो-चार पहिया वाहनों के खड़े होने और बिगड़ी यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं होने से लोग समस्या उठा रहे हैं। खास बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस के पास कार्रवाई के दौरान जब्त वाहनों को थाने तक लाने वाहन नहीं है। जिस वाहन में बैठकर पुलिसकर्मी कार्रवाई करने जाते हैं वह एक वाहन भी अधिग्रहण किया हुआ है। ऐसे में समझा जा सकता है कि क्या स्थिति बनी हुई है।

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संख्या बढ़े तो सुधरे हालात
सीहोर यातायात प्रभारी देवनारायण पांडे का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस के रिक्त पदों पर भर्ती होने और संसाधन बढ़ते हंै तो काफी हद तक सुधार हो सकता है। हालांकि अभी जितना अमला है उससे ही काम चला रहे हैं। जिससे कि आमजन को दिक्कत नहीं हो। इधर डीटीओ अनुराग शुक्ला का कहना है कि यह बात सही है कि पांच साल में कई वाहनों की संख्या दोगुनी हुई है।

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