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treatment plant news : बाढ़ से बचाने शिफ्ट करना होगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

Kuldeep Saraswat

Publish: Aug 18, 2019 11:28 AM | Updated: Aug 18, 2019 11:29 AM

Sehore

नाले के कैचमेंट में ट्रीटमेंट प्लांट बना होने के कारण नहीं हो पाती है पानी की निकासी

सीहोर. शहर को बाढ़ से बचाने के लिए जिला प्रशासन एक्सपर्ट की मदद से प्लान बना रहा है। एक्सपर्ट शहर का सर्वे कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट भी दे चुके हैं, लेकिन हकीकत यह है कि जब तक सीवेज के ट्रीटमेंट प्लांट को नाले के कैचमेंट से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया जाएगा, शहर को बाढ़ से नहीं बचाया जा सकता है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नाले के कैचमेंट में बना होने के कारण तेज बारिश के दौरान नाले का पानी स्ट्रीटमेंट प्लांट की दीवार से टकराकर शहर की तरफ लौटता है।

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शहर में जलभराव की समस्या पैदा करेगा, इसका अंदाजा कुछ व्यक्तियों ने उस समय भी लगा दिया था, जब ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा था। ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के समय भी कुछ व्यक्तियों ने इसकी शिकायत तत्कालीन कलेक्टर डॉ. सुदाम खाड़े और नगर पालिका अध्यक्ष अमीता अरोरा से की थी, लेकिन क्षेत्रीय पार्षद और नगर पालिका के इंजीनियर्स के एनओसी देने को लेकर अफसरों ने शिकायत को नजरअंदाज कर दिया। नतीजा, अब जब ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो गया है तो शहर में जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। तेज बारिश होते ही बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं।

ट्रीटमेंट प्लांट के पास नाले की चौड़ाई बनाने का प्रस्ताव
शहर में 29 जुलाई को बने बाढ़ के हालात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान पूर्व पार्षद आजम वेग ने शिकायत दर्ज कराई कि ट्रीटमेंट प्लांट नाले के कैचमेंट में बना है। ट्रीटमेंट प्लांट की दीवार के कारण नाला सिकुड़ गया है। पूर्व पार्षद के आग्रह पर दिग्विजय सिंह ने ट्रीटमेंट प्लांट का जायजा लिया और कलेक्टर अजय गुप्ता को आदेश दिए है वह समस्या के समाधान को लेकर जरूरी इंतजाम करें। अब बताया जा रहा है कि ट्रीटमेंट प्लांट के पास 50 फीट सरकारी जमीन निकालकर नाले को चौड़ा किया जाएगा, जिससे कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पैदा नहीं हो।

शिकायत को अफसरों ने किया नजरअंदाज
कस्बा वार्ड क्रमांक 23 निवासी रिटायर्ड एडिशनल सीईओ आपाक अली बहादुर ने बताया कि जब सीहोर में सीवेज प्रोजेक्ट का काम चल रहा था और नाले में ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के प्रस्ताव के बारे में मुझे बता चला था मैंने इसका काफी विरोध किया था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में तत्कालीन कलेक्टर डॉ. सुदाम खाड़े से भी शिकायत की गई थी, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए शिकायत को नजरअंदाज कर दिया कि नगर पालिका के इंजीनियर्स ने एनओसी दी है। आपाक अली ने बताया कि वे ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण को रूकवाने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष अमीता अरोरा के पति जसपाल अरोरा से भी मिले थे, लेकिन सभी ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि इंजीनियर्स ने एनओसी दे दी है। आपाक अली का आरोप है कि यदि उसी समय ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण रोक दिया जाता तो शहर को बाढ़ की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।
वर्जन...
- एक्टपर्ट इंजीनियर्स की टीम प्लान तैयार कर रही है। इस बार हर बिंदु पर गंभीरता से विचार करने के बाद प्लान बनाया जाएगा और उसी आधार पर काम होगा।
वीके चतुर्वेदी, एडीएम सीहोर