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प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की कार्रवाई में होशंगाबाद पहले और सीहोर दूसरे नंबर पर

Kuldeep Saraswat

Publish: Jul 18, 2019 11:58 AM | Updated: Jul 18, 2019 11:58 AM

Sehore

माइनिंग, पुलिस और राजस्व की सख्ती के बाद भी सीहोर और होशंगाबाद में नहीं रूक रहा रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन

सीहोर. रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन में सीहोर जिला प्रदेश में दूसरे नंबर पर रहा है। जून 2019 में सीहोर जिले में अवैध उत्खनन के करीब 56 और अवैध परिवहन के 104 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। प्रदेश में सीहोर से होशंगाबाद एक पायदान आगे है। यहां पर अवैध उत्खनन के 93 और परिवहन के 142 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। सीहोर और होशंगाबाद में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन नर्मदा नदी से हो रहा है।

माइनिंग, पुलिस और राजस्व विभाग की सख्त के बाद भी नर्मदा नदी से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन बंद नहीं हो रहा है। जून महीने में माइनिंग विभाग ने रेत के अवैध उत्खनन के 56 प्रकरण दर्ज किए, जिसमें से 10 का निराकरण हो गया है और उन प्रकरण में 5 लाख 17 हजार रुपए का राजस्व वसूला गया है। इसके अलावा अवैध परिवहन के दर्ज 104 प्रकरण में से 56 का निराकरण किया गया है, जिससे करीब 29 जार 04 हजार रुपए का अर्थदंड वसूला गया है।

नदी की धार में सड़क बनाकर रेत उत्खनन
बारिश का सीजन होने के कारण सरकार ने रेत के उत्खनन पर रोक लगा दी है। इस समय रेत का परिवहन करने की अनुमति सिर्फ स्टॉक से है। खनिज विभाग ने नर्मदा किनारे रेत का स्टॉक करने के लिए कुछ व्यक्तियों को वाकायदा अनुमति दी गई है, लेकिन रेत का परिवहन स्टॉक के बजाय नदी से हो रहा है। कई जगह तो नदी की बीच धार में सड़क बनाकर रेत निकाली जा रही है। ऐसा नहीं है, इसकी खबर माइनिंग, पुलिस और राजस्व के अमले को नहीं है। माइनिंग, पुलिस और राजस्व का अमला लगातार छापामार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन जैसे ही कार्रवाई कर अमला हटता है, रेत कारोबारी दूसरे ही दिन फिर से रेत का अवैध उत्खनन और परिहवन शुरू कर देते हैं।

अवैध उत्खनन कर बनाए स्टॉक
नसरुल्लागंज, रेहटी, शाहगंज और बुदनी क्षेत्र में कई जगह प्रभावशाली व्यक्तियों ने नर्मदा नदी से अवैध उत्खनन कर रेत का भंडारण कर लिया है। बीते 15 दिन में चार रेत के अवैध स्टॉक पर माइनिंग की टीम ने छापामारा है। मंगलवार को भी माइनिंग की टीम ने पिपलनेरिया गांव में कार्रवाई की। यहां से फर्जी रॉयल्टी से रेत लाकर किया गया अवैध स्टॉक जब्त किया गया। माइनिंग की टीम ने पूरे स्टॉक को नष्ट कर दिया है। इसके खिलाफ कलेक्टर अजय गुप्ता को भी पत्र लिख सख्त कार्रवाई करने की सिफारिश माइनिंग की टीम की तरफ से की गई है।
अभी तक की गई सख्ती नहीं आ रही काम
- नर्मदा नदी के कैचमेंट में 10 किलो मीटर तक जेसीबी के बिना अनुमति के प्रवेश करने पर रोक लगी है।
- रेत के डंपरों के लिए रूट निर्धारित कर दिए गए हैं। तय रूट से ही रेत ले जाने की अनुमति है।
- शाम छह बजे से सुबह 6 बजे तक रेत परिवहन पर रोक लगी हुई है।
- ग्राम पंचायत और ठेकेदारों के रात में रॉयल्टी काटने पर भी रोक लगी हुई है।
- रेत के डंपरों की 40 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार तय की जा चुकी है।
वर्जन....
- पुलिस, राजस्व के सहयोग से माइनिंग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर कार्रवाई करने में सीहोर प्रदेश में दूसरे नंबर पर आया है। यह बात सही है कि रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन पूर्णत: बंद नहीं हुआ है, हम कम संसाधन में भी पूरा प्रयास कर रहे हैं।
आरिफ खान, जिला खनिज अधिकारी सीहोर