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रेत से भरे डंपर ने बाइक सवार को कुचला, मौके पर ही मौत

Kuldeep Saraswat

Publish: Aug 19, 2019 11:34 AM | Updated: Aug 19, 2019 11:34 AM

Sehore

नसरुल्लागंज में सीहोर नाके पर हुआ हादसा, डंपर छोड़ चालक फरार

सीहोर. नसरुल्लागंज सीहोर नाके पर रविवार को दोपहर करीब दो बजे रेत से भरे डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक को टक्कर मारने के बाद डंपर को छोड़कर चालक फरार हो गया। रेत से भरा डंपर इंदौर के जलकोटी गांव का बताया जा रहा है। पुलिस ने डंपर जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

जानकारी के अनुसार छिपानेर निवासी संतोष पुत्र रामचंद्र सिंह उम्र 30 साल बाइक क्रमांक एमपी 04 एमडब्ल्यू 0816 पर सवार होकर जा रहा था, तभी डंपर रेत के डंपर क्रमांक एमपी 09 जीएच 5013 ने चालक ने तेज गति से वाहन को चलाते हुए टक्कर मार दी। डंपर ने टक्कर इतनी जोर से मारी कि बाइक सवार डंपर के टायरों के बीच में फंस गया और बुरी तरह के कुचलने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के तत्काल बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही मौके पर भीड़ लग गई। पुलिस ने पहुंचकर भीड़ को हटाया और फिर युवक के शव को पीएम के लिए अस्पताल भेज मामला दर्ज कर लिया।

प्रतिबंध के बाद भी तेज गति से दौड़ रहे डंपर
रेत के डंपरों के कारण सड़क हादसा होने का यह पहला मामला नहीं है, सीहोर जिले में आए दिन रेत के डंपर सड़क हादसों का कारण बनते हैं। रेत के डंपरों से होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए कुछ महीने पहले तत्कालीन कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा ने आदेश दिए कि रेत के डंपर 40 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ज्यादा गति से नहीं दौड़ेंगे, लेकिन ट्रैफिक पुलिस तेज रफ्तार से दौड़ रहे डंपरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। कलेक्टर ने गति नियंत्रण करने के साथ रेत डंपरों के रूट भी निर्धारित किए थे, लेकिन डंपर चालक निर्धारित रूट को छोड़कर मेन रोड और बाजार के बीच से रेत के डंपर निकाल रहे हैं, जिसे लेकर सड़क हादसे हो रहे हैं।

 

मेन रोड पर अतिक्रमण भी हादसों का कारण
नगर में जिस जगह पर सड़क हादसा हुआ है, वहां मेन रोड पर काफी अतिक्रमण है। अतिक्रमण के कारण सड़क सिकुड़कर छोटी रह गई है। कुछ दिन पूर्व नगर पालिका ने यहां पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की थी, लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी। राजनीतिक दबाव में नगर पंचायत अतिक्रमण विरोध कार्रवाई नहीं कर पा रही है, जिसके चलते शहर की सड़क सिकुड़कर छोटी होती जा रही है और आए दिन हादसे हो रहे हैं।