स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

सड़क जर्जर, सात किमी का सफर तय करने में लग रहे 40 मिनट

Radheshyam Rai

Publish: Nov 08, 2019 10:30 AM | Updated: Nov 08, 2019 10:30 AM

Sehore

सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है।

सीहोर. रेहटी से मांजरकुई जाने वाली सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सड़क की हालत यह है कि सड़क से डामर गायब हो गया है, सड़क के गिट्टे निकलने से दोपहिया वाहन चलाना हादसों भरा साबित हो रहा है। रेहटी से मांजरकुई सात किलोमीटर का सफर तय करने में ग्रामीणों को 40 मिनिट से अधिक का समय लग रहा है। जिससे वह खासे परेशान हैं।


ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क का निर्माण ठेकेदार द्वारा इतना घटिया निर्माण कार्य किया गया कि निर्माण के कुछ समय बाद ही यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। ठेकेदार द्वारा मरम्मत नहीं कराने पर ग्रामीणों ने इसकी कई बार शिकायत की तब विभाग द्वारा इस सड़क पर दो बार बजरी एवं डामर से लीपापोती कर दी गई, जोकि ज्यादा समय तक नहीं चल सकी।

 

इस मार्ग से नयागांव, मांजरकुई के अलावा मरदानपुर, आंवलीघाट, मोगरा, पांगरा, नेहलाइ सहित कई गांव के लोगों का प्रतिदिन आना जाना है। इस सड़क की हालत इतनी खराब है कि मरदानपुर सहित कई गांव के लोग कई किलोमीटर घूमकर अन्य मार्ग से आने को मजबूर हैं।

[MORE_ADVERTISE1]

सड़क में दो नदियां पड़ती

रेहटी से मरदानपुर तक की सड़क में दो नदियां पड़ती हैं जिसमें पुल की भी दरकार है, क्योंकि बारिश के दिनों में हर साल सबसे ज्यादा परेशानी ग्राम मांजरकुई के लोगों को आती है। इस गांव के एक और ओडिय़ा नाला तो दूसरी ओर टिमरन नदी में बारिश के मौसम में थोड़ी सी भी बरसात होने पर मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। जिससे नयागांव मांजरकुई के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर बीते दिनों पेच वर्क कराया गया है जिसमें डामर की मात्रा नहीं के समान है। फल स्वरूप इस मार्ग पर गिट्टे निकल आए हैं जोकि दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं।

[MORE_ADVERTISE2]

मैंने स्वयं जाकर रेहटी से मांजरकुई तक के रोड का अवलोकन किया है। मुझे कहीं कम डामर का उपयोग किया गया है इस तरह की कोई कमी नजर नहीं आई फिर भी यदि आप कह रहे हैं तो मैं कल फिर जाकर इस रोड का निरीक्षण करुंगा और यदि कहीं गिट्टे निकल आए हैं तो उसका पुन: पेच वर्क कराया जाएगा।
आरएन शर्मा, सब इंजीनियर लोक निर्माण विभाग

[MORE_ADVERTISE3]