स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध कराने, डॉक्टर के पद भरने 6 महीने में 6 बार लिखा पत्र फिर भी नहीं हुआ कुछ

Anil Kumar

Publish: Jan 17, 2020 13:03 PM | Updated: Jan 17, 2020 13:03 PM

Sehore

मरीजों को भुगतना पड़ रही है परेशानी फिर भी की जा रही है अनदेखी

आष्टा.
सिविल अस्पताल में खाली रिक्त पदों पर डॉक्टरों की पदस्थापना करने और सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध कराने बीएमओ डॉक्टर प्रवीर गुप्ता ने 6 बार लिखित उच्च स्तर पर अफसरों को पत्र लिखा है। साथ ही इतनी बार निरीक्षण करने आएं अफसर और प्रभारी मंत्री को अवगत कराया है। इतना सब होने के बावजूद अब तक न तो डॉक्टर और न ही सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध हो सकी है। इसका खामियाजा मरीजों को परेशानी के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

[MORE_ADVERTISE1]

आष्टा के सिविल अस्पताल को नए भवन में शिफ्ट करने के बाद लगा था कि कुछ हद तक मरीजों को राहत मिलेगी। उनकी बदकिस्मती यह रही कि ऐसा नहीं हुआ है। पिछले और वर्तमान की परिस्थति में एक ही चीज में अंतर देखने को मिलेगा वह अस्पताल का चमचमाता नया भवन। इसके आलवा बाकी सब समस्या यथा स्थिति में है। जिनसे हर दिन इलाज कराने आने वाले मरीजों को समस्या हो रही है। अस्पताल में सबसे बड़ी समस्या डॉक्टर की है। पर्याप्त डॉक्टर नहीं होने से मरीजों को कई बार बाहर तक इलाज कराने मजबूर होना पड़ रहा है। जितने डॉक्टर अस्पताल में हैं, उनके कक्ष के बाहर ओपीडी के समय कतार लगी देखी जा सकती है। मरीजों को ज्यादा भीड़ रहने पर तो घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। सोनोग्राफी मशीन तक का अभाव बना हुआ है। जिससे मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है। उनको अतिरिक्त रुपए खर्च कर दूसरी जगह सोनोग्राफी कराने मजबूर होना पड़ रहा है।

[MORE_ADVERTISE2]

नहीं दिखा रहे गंभीरता
कुछ महीने पहले सिविल अस्पताल का निरीक्षण करने आए जिला प्रभारी मंत्री आरिफ अकिल को भी अस्पताल प्रबंधन ने अवगत कराया था। इसमें बताया था कि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर और सोनोग्राफी मशीन नहीं होने से समस्या आ रही है। इसलिए जल्द ही खाली पद पर डॉक्टर की पद स्थापना कर सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध कराएं। प्रभारी मंत्री के निरीक्षण के बावजूाद अब तक कुछ नहीं हुआ है। इस कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। मरीजों का कहना है कि इतना बड़ा अस्पताल होने के बावजूद कुछ नहीं हो रहा है। यह जिम्मेदारों की लापरवाही को दर्शाता है। इस संबंध में बीएमओ डॉ. प्रवीर गुप्ता का कहना है कि डॉक्टर और संसाधन उपलब्ध कराने हमारी तरफ से उच्च स्तर पर पत्र लिखने के साथ मौखिक अवगत कराया है।

[MORE_ADVERTISE3]