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हर दिन होने वाले हादसों के बावजूद बंद नहीं हो रही ओवरलोडिंग

Veerendra Shilpi

Publish: Dec 09, 2019 10:48 AM | Updated: Dec 09, 2019 10:48 AM

Sehore

चालकों की लापरवाही का ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा...

सीहोर. जिले में ट्रक, लोडिंग और अन्य वाहनों में ओवरलोडिंग का खेल जमकर चल रहा है। वाहनों में इस तरह से ओवरलोडिंग की जा रही है कि इनके कारण आमजन परेशानी उठा रहे हैं तो आए दिन हादसे हो रहे हैं। यह वाहन जिम्मेदार अफसरों तक के सामने से निकलते हैं, लेकिन वह इन पर कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। ऐसे में चालकों की लापरवाही का ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है।

ट्रक और लोडिंग वाहन चालकों ने वाहनों में ओवरलोडिंग करने सारे रेकार्ड ही तोड़ दिए हैं। इसकी झलक सीहोर, आष्टा नगर और फोरलेन भोपाल इंदौर हाइवे सहित अन्य सड़क से तेज रफ्तार में निकलते ओवरलोड वाहन से देखी जा सकती है। इन वाहनों में क्षमता से अधिक इतना सामान भरा जाता है कि उनके हमेशा पलटने की संभावना बनी रहती है। जब यह सड़क से निकलते हैं तो दूसरे लोगों को साइड में होना पड़ता है।

ऐसा नहीं किया तो उनके साथ हादसा होने में देर नहीं लगती है। खास बात यह है कि ओवरलोड वाहन कई बार पलट चुके हैं उसके बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ है।

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वाहन चालकों में नहीं है कार्रवाई का भय
डीटीओ, यातायात पुलिस कई बार चैकिंग अभियान चलाकर ओवरलोड वाहन को पकड़कर उनके चालान काटकर जुर्माना वसूलती है। इस कार्रवाई से कुछ हद तक सुधार होता है, लेकिन काईवाई सुस्त पड़ी की पहले जैसे हाल बन जाते हैं।

अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि बाजार से लोडिंग वाहनों के प्रवेश पर रोक है। उसके बावजूद बाजार की सड़क से यह वाहन निकलते हुए आसानी से देखे जा सकते हैं। जिनसे यातायात व्यवस्था बिगडऩे के साथ ही जाम के हालात बन जाते हैं। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यात्री वाहन भी नहीं है पीछे
सीहोर, आष्टा के अलावा अन्य जगह पर चलने वाले कई क्रूजर वाहन और बस चालक पीछे नहीं है। वह रुपए कमाने के चक्कर में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर उनकी जान को दाव पर लगा रहे हैं। छोटे वाहन में तो गेट पर तक यात्रियों को लटकाकर ले जाते हैं। जब यह वाहन फोरलेन भोपाल इंदौर हाइवे पर चलते हैं तो सबसे ज्यादा दुर्घटना की संभावना रहती है। उल्लेखनीय है कि ट्रैक्टर-ट्राली को खेती कार्य के लिए निर्धारित किया है, लेकिन कई लोगों ने उनको कमाई का जरिया बना लिया है। ट्रैक्टर-ट्राली से वह सामान ढोने के साथ ही अन्य कार्य कर रहे हैं।

ऐसे सुधर सकते हैं हालात
- ओवरलोडिंग वाहनों पर डीटीओ, ट्रैफिक पुलिस लगातार कार्रवाई करें।
- एक निर्धारित दायरे के तहत ही वाहनों में सामान भरा जाएं।
- ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ जुर्माने के साथ कड़ी कार्रवाई हो।
- छोटे यात्री वाहन, बस में अधिक सवारी बैठा रहे तो उन पर कार्रवाई हो।

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हमारी तरफ से चैकिंग अभियान चलाकर नियमों का पालन नहीं करने और ओवरलोडिंग करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- अनुराग शुक्ला, डीटीओ, सीहोर

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