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एक करोड़ की नलजल योजना बनी शोपीस, पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण

Anil Kumar

Publish: Dec 07, 2019 15:56 PM | Updated: Dec 07, 2019 15:56 PM

Sehore

बरखेड़ी के उलझावन गांव में सर्दी में भी बनी है पानी की समस्या

बरखेड़ी/आष्टा.
गांवों में पानी का संकट दूर करने नलजल योजना के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन नतीजा सिफर नजर आ रहा है। इसकी बानगी इछावर ब्लॉक के बरखेड़ी क्षेत्र के तहत आने वाले गांव उलझावन में देखी जा सकती है। यहां पर योजना में बनी टंकी शोपीस बनकर शोभा बढ़ाने के काम आ रही है। इससे लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इधर आष्टा विकासखंड के कई गांवों में इस तरह से स्थिति देखने को मिल रही है।

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उलझावन गांव में एक करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपए की लागत से नलजल योजना स्वीकृत हुई थी। स्वीकृति के बाद पीएचई ने इसका काम शुरू किया तो लोगों को लगा था कि उनकी जलसंकट की समस्या दूर होगी। इसे अफसरों की उदासीनता कहे या फिर ग्रामीणों की बदनसीबी जो कि ऐसा नहीं हो सका है। जिम्मेदारों ने योजना का आधा अधूरा कार्य कर बंद कर दिया है। वहीं दो हजार 200 मीटर एरिया में तो पाइप लाइन ही नहीं बिछाई। जिससे लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस समस्या को दूर करने कई बार वह अफसरों को शिकायत दर्ज करा चुके हैं। लापरवाही का आलम यह है कि अब तक कुछ नहीं हुआ है।

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सड़क की मरम्मत नहीं हुई
योजना में पाइप लाइन बिछाने कई जगह आवाजाही करने वाले मार्ग को खोद दिया था। उसकी तक वापस रिपेयरिंग नहीं की है। इससे लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। अफसरों की उदासीनता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। लापरवाही का आलम क्या है उसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि कई दिनों से बंद कार्य वापस चालू नहीं हुआ है। जनपद सदस्य महेंद्र वर्मा, मुकेश वर्मा, जीवनसिंह वर्मा ने बताया कि पीएचई विभाग के अफसरों की अनदेखी के चलते लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इस स्थिति में पानी के लिए उनको इधर उधर भटकना पड़ता है।

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