स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

Municipality : नगर पालिका अध्यक्ष अमिता अरोरा को फिर नोटिस, दस्तावेज के साथ मिला सात दिन का समय

Kuldeep Saraswat

Publish: Sep 19, 2019 11:26 AM | Updated: Sep 19, 2019 11:26 AM

Sehore

नगरीय प्रशासन ने हाईकोर्ट के ऑर्डर पर दिया है समय, सात दिन में जबाव नहीं देने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी

सीहोर. हाईकोर्ट से रिलीफ मिलने के बाद नगरीय प्रशासन ने नगर पालिका अध्यक्ष अमीता अरोरा को फिर से नोटिस जारी किया है। नोटिस के साथ वह सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं, जो नपा अध्यक्ष ने मांगे थे। नोटिस का जबाव देने के लिए नगरीय प्रशासन ने सात दिन का समय दिया है। यदि सात दिन में जवाब पेश नहीं किया जाता है तो नगरीय प्रशासन फिर से एक पक्षीय कार्रवाई कर सकता है।

जानकारी के अनुसार नगरीय प्रशासन ने भ्रष्टाचार के आरोप में 24 अगस्त को नगर पालिका अध्यक्ष अमीता अरोरा को पद से बर्खास्त किया। भाजपा नेत्री के अध्यक्ष पद से बर्खास्त होने के बाद वार्ड क्रमांक 10 की पार्षद नमिता राठौर को अध्यक्ष मनोनीत किया गया। नमिता राठौर ने नगर पालिका अध्यक्ष का चार्ज लिए एक सप्ताह ही बीता कि अमिता अरोरा को हाईकोर्ट से रिलीफ मिल गया। हाईकोर्ट ने नगरीय प्रशासन की कार्रवाई को एक पक्षीय बताया और कहा कि नगरीय प्रशासन अमिता अरोरा को पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दे और वह सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिनके आधार पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर नगरीय प्रशासन ने 17 सितंबर को फिर से नोटिस जारी कर सात दिन में अपना पक्ष रखने के आदेश दिए गए हैं। नगरीय प्रशासन ने सात दिन का समय दिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि सात दिन में जबाव नहीं दिया जाता है तो फिर से एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

नगरीय प्रशासन ने दिया है यह चौथा मौका
नगरीय प्रशासन ने नगर पालिका की अनियमित्ताओं की जांच के बाद 26 जुलाई को नोटिस जारी कर नगर पालिका अध्यक्ष अमिता अरोरा को सात दिन में अपना पक्ष रखने के आदेश दिए गए थे। नगर पालिका अध्यक्ष ने अपना पक्ष नहीं रखा, जिसे लेकर 13 अगस्त को फिर से उन्हें समक्ष में उपस्थित होकर सुनवाई का अवसर दिया गया। इस दौरान उन्होंने अपने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित करने का आग्रह किया। नगरीय प्रशासन द्वारा निर्धारित की गई सुनवाई की अगली तिथि 19 अगस्त को भी अमिता अरोरा की तरफ से अपना पक्ष नहीं रखा गया। जिसे लेकर 24 अगस्त को नगरीय प्रशासन ने अमिता अरोरा को नगर पालिका सीहोर के अध्यक्ष पद से पृथक करने के आदेश दिए। अब हाईकोर्ट के ऑर्डर पर फिर से सात दिन में अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया है।

 

गंभी आरोप से घिरी हैं नपा अध्यक्ष
बाल विहार ग्राउंड में टीनशेड के निर्माण में अनियमितता। नगर पालिका द्वारा बाल विहार ग्राउंड में टीनशेड बनाने विभागीय तौर पर पांच लाख 40 हजार रुपए सामग्री क्रय कर की गई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो लाख रुपए की ई-निविदा पर प्रशासकीय व वित्तीय स्वीकृति प्राप्त किए बिना 7 लाख 40 हजार 645 रुपए का भुगतान किया गया। सीटू नाले के निर्माण पर तीन पोकलेन, पांच डंपर, एक जेसीबी को किराए का दो करोड़ 8 5 लाख 98 हजार 400 रुपए का कार्य कराया गया, जिसमें से दो करोड़ 30 लाख 6 00 रुपए का भुगतान कर दिया गया है।