स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

मनुष्य स्वयं को भगवान के बजाय प्रभु का दास बनाने का प्रयास करे- शास्त्री

Anil Kumar

Publish: Nov 09, 2019 12:34 PM | Updated: Nov 09, 2019 12:34 PM

Sehore

भागवत कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का वर्णन किया

सीहोर.
बड़ा बाजार स्थित शारदा वैदिक संस्थान के तत्वाधान में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत रस कथा एवं नारायण तुलसी विवाह महोत्सव के आयोजन में शुक्रवार को नारायण शालीग्राम और तुलसी महारानी का विवाह आचार्य पंडित हर्षित शास्त्री के सानिध्य में हुआ। इसके अलावा सुबह नौ बजे भागवत कथा में सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया।

[MORE_ADVERTISE1]

कथा में शास्त्री ने सुदामा चरित्र की कथा सुनाते हुए कहा कि मनुष्य स्वयं को भगवान बनाने के बजाय प्रभु का दास बनाने का प्रयास करें। भक्तिभाव देखकर जब प्रभु में वात्सल्य जागता है तो वे सब कुछ छोड़कर अपने भक्तरूपी संतान के पास दौड़े चले आते हैं। सुदामा की मित्रता भगवान के साथ निस्वार्थ थी। उन्होंने कभी उनसे सुख साधन या आर्थिक लाभ प्राप्त करने की कामना नहीं की। सुदामा की पत्नी के पोटली में भेजे गए चावलों के माध्यम से भगवान कृ ष्ण सारी हकीकत जानकर प्रभु ने बिना मांगे ही सुदामा को सब कुछ प्रदान कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण व सुदामा के मिलन के साथ भक्त समुदाय भाव विभोर कर दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जब श्रीकृष्ण के पास भक्त सुदामा पहुंचे थे, उस समय उनकी स्थिति काफ ी दयनीय थी। जिसका उपहास द्वारपालों ने उड़ाया था, लेकिन जब उनका नाम सुनते ही भगवान कृ ष्ण को नंगे पैर आते देखा तो नगरवासियों और द्वारपालों ने भगवान कृष्ण और सुदामा की दोस्ती की चर्चा की।

[MORE_ADVERTISE2]

शांति सद्भाव के साथ रहकर दे एकता का संदेश
सिद्दीकगंज.अयोध्या फैसले को देखते हुए ग्राम पंचायत भवन मेंं शुक्रवार को शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि सभी मिलजुलकर रहकर एकता का परिचय दे। बैठक में यह भी बताया कहीं पर जरा भी गलत गतिविधि नजर आएं तो पुलिस-प्रशासन को सूचित करें। जिससे कि समय रहते हुए संबंधित पर कार्रवाई की जा सकें। इस अवसर पर थाना प्रभारी एमएस कनेश, तहसीलदार, एसआई कुंवर बहादुरसिंह, नरेंद्र जाट, शांतिलाल मंडलोई, देवेंद्र ठाकुर, फिजाउल्लाह खान, रमेश बडग़ुर्जर, नरेंद्र राठौर, अरूण श्रीवास्तव, मुस्ताक पटेल आदि उपस्थित थे।

[MORE_ADVERTISE3]