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नहरों की मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति, सिंचाई को लेकर किसन चिंतित

Radheshyam Rai

Publish: Nov 13, 2019 12:49 PM | Updated: Nov 13, 2019 12:49 PM

Sehore

लंबे समय से नहरों की साफ-सफाई न होने और जगह-जगह से टूटी...

सीहोर. कई साल बाद हुई अच्छी बारिश के चलते क्षेत्र के तालाब लबालब भरे हुए हैं। ऐसे में लंबे समय से नहरों की साफ-सफाई न होने और नहर जगह-जगह से टूटी होने के कारण किसानों को चिंता सताने लगी है।

इस वर्ष क्षेत्र में भरपूर बारिश के चलते क्षेत्र के तालाब लबालब भरे हुए हैं। लोगों को रबी फसल अच्छी होने के आसार नजर आ रहे हैं। ब्लाक के अंतर्गत आने वाले ग्राम ढाबलामाता के तालाब के हालात बिगड़े हुए हैं, लेकिन जल संसाधन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते जगह-जगह नहरें टूटी फूटी पड़ी हुई है।

किसानों का कहना है कि शासन द्वारा नहर की साफ -सफाई के लिए लाखों रुपए का बजट जल संसाधन विभाग को उपलब्ध कराया जाता है। इसके बावजूद भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के ढुलमुल रवैया के चलते किसानों को भरपूर पानी तालाबों में होने के बावजूद भी किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है।

बताया कि ग्राम ढाबलामाता तालाब की नहर लंबे समय से साफ-सफाई न होने के कारण कचरे से भरी पड़ी है। जगह-जगह पेड़ उग आए हैं। जिसको जल संसाधन विभाग के कर्मचारियों द्वारा साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ घास फूस को हटाया जा रहा है, जबकि नहरों की अगर पूरी तरह से सफाई नहीं की गई, तो किसानों के खेत तक पानी पहुंचना मुश्किल होगा।

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नहरों की मरम्मत नहीं हुई तो होगी परेशानी
क्षेत्र के किसान किसान अनवर खान, रमेशचंद, दीपसिंह, संतोष परमार, कमलसिंह, मोहनसिंह, देवकरण, नोसे खां, लीलाधर, रमेश पटेल, बच्चनराम सिंह, राहुल, भंवरजी, रइस खां का कहना है कि बारिश होने के चलते रिलाई के लिए पानी की अवश्यकता नहीं पड़ी और हमने बोवाई कर दी, लेकिन अब शीघ्र ही फसल को सिंचाई की आवश्यकता होगी। जब नहर में पानी छोड़ा जाएगा तो वह नहर के जगह-जगह से टूटी-फूटी होने के कारण किसानों के खेत तक नहीं पहुंच जाएगा। विभाग को शीघ्र मरम्मत कराना चाहिए।

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किसानों ने बताई पीढ़ा
संबंधित विभाग द्वारा अभी तक नहरों की मरम्मत नहीं की गई है। जिसके चलते आने वाले दिनों में जब नहरों में पानी छोड़ा जाएगा तो किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाएगा।
- उपराव सिंह, किसान

नहरों की मरम्मत का कार्य के नाम पर विभाग द्वारा हर वर्ष खानापूर्ति की जाती है। जिसके चलते अंतिम छोर के किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता है, और लाखों लीटर पानी बर्वाद हो जाता है।
- संतोष पमरार, किसान

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अफसर बोले
हर की स्थिति बहुत जर्जर है, नहर में साफ-सफाई का कार्य जारी है। जो कार्य बचा है उसे शीघ्र विभाग द्वारा कराया जाएगा।
- रविदीप बेन, एसडीओ, सिंचाई विभाग इछावर