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इंदौर-भोपाल सड़क हादसा: बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, तीन साल की बेटी छोड़ गई तनिष्का

Amit Mishra

Publish: Sep 10, 2019 11:18 AM | Updated: Sep 10, 2019 11:18 AM

Sehore


इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे पर सोमवार की अलसुबह सड़क हादसे में हो गई सभी लोगों की मौत

सीहोर। इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे पर सोमवार की अलसुबह सड़क हादसे का Indore-Bhopal road accident शिकार होने वाले नेक्सा के चार कर्मचारियों में से दो ने तो कुछ महीने पहले भी ज्वाइन किया था। शाहजनाबाद निवासी फरहान खान तीन महीने पहले ही हैदराबाद से नौकरी छोड़कर भोपाल आया था। तनिष्का पिल्लई ने भी नेक्सा दो महीने पहले ज्वाइन किया था। तनिष्का इससे पहले जेके रोड भोपाल स्थित टाटा मोटर्स पर काम करती थीं।

 

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चार-चार लाख की सहायता राशि स्वीकृत
इंदौर में वर्कशॉप सुबह 8 बजे शुरू होनी थी, जिसके लिए सभी पांच बजे के करीब भोपाल से निकले थे, सीहोर में मंडी थाना क्षेत्र के जताखेड़ा पुलिया के पांच हादसा हुआ और चार की मौत हो गई, एक अभी लापता है। प्रशासन की तरफ मृतकों के परिजन को चार-चार लाख की सहायता राशि स्वीकृत की जा रही है।

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सुबह इंदौर जाने के लिए निकले
सीहोर में मरचुरी के बाहर हादसे का शिकार 34 वर्षीय अजय आचार्य के पिता अरविंद आचार्य ने बताया कि वे ब्यावरा में रहते हैं। रविवार रात करीब 8 बजे बेटे से बात हुई थी। बेटे ने फोन पर बताया कि वह अभी घर नहीं पहुंचा है, सुबह इंदौर जाने के लिए चार बजे घर से निकलना है। अरविंद आचार्य ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि रात 9 बजे तक काम कराना और सुबह फिर से 4 बजे बुलाना, कौन सी बात है। इंदौर में सुबह 8 बजे वर्कशॉप थी, तो एक दिन पहले ही कर्मचारियों को भोपाल से इंदौर भेजना चाहिए। प्राइवेट कंपनी कर्मचारियों का शोषण करती हैं।

इंदौर-भोपाल सड़क हादसा: बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, तीन साल की बेटी छोड़ गई तनिष्का


भोपाल से निकलीं थीं नेक्सा की दो टीम
भोपाल से नेक्सा के कर्मचारियों की दो टीम इंदौर वर्कशॉप के लिए अलग-अलग गाडिय़ों से निकलीं थीं। एक गाड़ी कुछ समय पहले भोपाल से इंदौर के लिए रवाना हुई थी। आगे निकलने वाली गाड़ी में सवार टीम के कर्मचारियों ने देवास पहुंचने पर हादसे के शिकार हुए कर्मचारियों से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की थी, लेकिन संपर्क नहीं हो सका और जब इंदौर पहुंचने के बाद भी पांचों के मोबाइल बंद रहे तो संदेह हुआ और तत्काल भोपाल बताया गया। भोपाल से जब पता किया तो पता चला कि कार हादसे का शिकार हो गई है।

अजय भोपाल में रहकर करता था नौकरी
सड़क हादसे के शिकार राजगढ़ के अजय आचार्य बीते कुछ साल से ललिता नगर कोलार में अपनी ससुराल रहकर भोपाल में नौकरी कर रहे थे। अजय के पिता अरविंद आचार्य ने बताया कि अजय की दो बेटिया है। बड़ी बेटी कुहू सात साल की है और छोटी भाविया ढाई साल की है। अजय की शादी 2012 में हुई थी। शादी के कुछ साल बाद वह भोपाल आ गया और अपने ससुर जेपी शर्मा के यहां रहकर भोपाल में नौकरी करने लगा था।


नेक्सा में पति के साथ काम करती थी तनिष्का
सड़क हादसे के बाद नाले में लापता हुई तनिष्का पिल्लई का पति राहुल पिल्लई भी उसके साथ नेक्सा में काम करता था। तनिष्का ने तीन महीने पहले टाटा मोटर्स को अनविदा कहकर नेक्सा में काम शुरू किया था। राहुल पिल्लई और तनिष्का की शादी पांच साल पहले हुई थी। एक तीन साल की बेटी है। बताया जा रहा है तनिष्का सुबह चार बजे कंपनी की मीटिंग के लिए अपने घर से निकली थी।

पिता के साथ संभालता था परिवार की जिम्मेदारी
हादसे में मौत का शिकार बने 25 वर्षीय फरहान अपने पिता मो. इकराम कुरैशी के सबसे बड़े बेटे थे। फरहान का एक छोटा भाई और बहन है, जो कि अभी पढ़ाई कर रहे हैं। चाचा मो. एहतशाम कुरैशी ने बताया कि फरहान हैदराबाद बीएमडब्ल्यू में नौकरी करता था। दो महीने पहले ही उसने भोपाल में नेक्सा ज्वाइन किया था। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह घर में एक पारिवारिक कार्यक्रम था, जिसमें सभी लोग मिले थे। फरहान के चाचा के ने बताया कि बड़े भाई के पूरे परिवार की जिम्मेदारी एक तरह से उसी के ऊपर थी और वह इस तरह से चला जाएगा, उम्मीद न थी।