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कमाल : रोज निकल रहे 500 डंपर, 15 दिन में 70 पर कार्रवाई कर थपथपा रहे पीठ

Radheshyam Rai

Publish: Nov 14, 2019 12:04 PM | Updated: Nov 14, 2019 12:04 PM

Sehore

रेत का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा...

सीहोर. नर्मदा नदी से रेत का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। नसरुल्लागंज क्षेत्र में हर दिन करीब 500 डंपर निकल रहे हैं। उस पर विगत 15 दिनों में 70 वाहनों पर कार्रवाई कर अफसर अपनी पीठ थपथपाने रहे हैं।

तहसील में नर्मदा से रेत निकाले जाने का काम आंबा, बडग़ांव, छिदगंव, नीलकंठ, शीलकंठ, मंडी, छीपानेर सहित 15 से 20 स्थानों पर किया जा रहा है, जहां मशीन एवं नाव से नर्मदा से रेत निकाली जा रही है, जो पूरी तरह से अवैध है। बताया जाता है कि जिन स्थानों पर नर्मदा से रेत निकाली जा रही है वहां रेत निकाले जाने का कोई ठेका शासन द्वारा नहीं दिया गया है।

इसके बावजूद नर्मदा से मशीनों द्वारा रेत निकाल कर ट्रैक्टर-ट्रालियों से इसका लगातार परिवहन किया जा रहा है। प्रशासन की सख्ती के बावजूद ट्रैक्टर-ट्राली ओं से रेत का अवैध परिवहन लगातार जारी है। रेत माफियाओं के हौंसले एवं नेटवर्क इतना तगड़ा है कि जब भी प्रशासन इन पर कार्रवाई करने के लिए सड़क पर उतरता है।

उसके पहले ही माफियाओं को इसकी जानकारी लग जाती है। वह रेत भरे वाहनों का मार्ग परिवर्तित कर देते हैं। कई बार तो प्रशासन के सामने ही सड़क पर ही रेत की ट्राली को खाली कर भाग जाते हैं।

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रेत माफियाओं के हौंसले कितने बुलंद है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्राली का प्रशासन के अधिकारियों द्वारा जब पीछा किया गया तो ट्रैक्टर ट्राली चालक ने अधिकारियों की गाड़ी को ही टक्कर मारने की कोशिश तक कर दी।

बताया जाता है कि रेत माफियाओं द्वारा मशीन से नर्मदा से अवैध रूप से रेत निकाल कर नाव से परिवहन किया जाता है। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्राली के माध्यम से डंपर में भरी जाती है, डंपर मालिकों के पास बाकायदा रॉयल्टी होती है जो दूसरे क्षेत्र की होती है। कई डंपर बिना रायल्टी के ही रेत परिवहन में लगे हैं। क्षमता से अधिक रेत तो हर डंपर में भरी होती है जिससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही है। साथ ही क्षेत्र की सड़कें भी समय से पूर्व ही जर्जर हो रही हैं।

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ओवरलोड डंपर से खराब हो रहीं सड़कें
जिले की इछावर तहसील क्षेत्र रेत का अवैध परिवहन करने वाले रेत माफियाओं की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि गांव में प्रधानमंत्री योजना में बनी सड़कों पर रेत के ओवरलोड डंपर दौड़ रहे हैं। नतीजतन समय से पहले ही यह सड़के अपना अस्तित्व खोकर जर्जर हो रही हैं।

उल्लेखनीय है कि रेत माफियाओं नसरुल्लागंज सीहोर हाईवे से रेत के ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर ट्राली लाते हैं। और इछावर क्षेत्र सहित अन्य शहरों में बेच देते हैं। खास बात यह है कि बोरदी टोल नाके से बचाने के लिए वह टोल नाके से पहले ही जोड़ से अंदर घुस जाते हैं और प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़कों पर ओवरलोड डंपर दौड़ते हैं।

इससे सड़कें पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। ओवरलोड डंपर ग्राम ब्रिजिशनगर, कनेरिया, रामगड़, पागरी जंगल, मुवाड़ा, सेमली जदीद से होते हुए सीहोर-रातीबड़, नीलबड़ पहुंच जाते हैं। जिससे सड़कें समय से पूर्व ही जर्जर हो रही हैं।

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राजस्व, माइनिंग एवं पुलिस विभाग की ओर से रेत के अवैध परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। हमें जैसे ही सूचना मिलती है, प्रशासनिक अमला कार्रवाई करने पहुंच जाता है। पिछले 15 दिनों में नसरुल्लागंज क्षेत्र में लगभग 70 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। रेत माफियाओं पर अवैध रूप से रेत का परिवहन एवं उत्खनन करने वालों पर प्रशासन के द्वारा आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी।
- पीसी पांडे, तहसीलदार, नसरुल्लागंज