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दूसरे जिलों की रॉयल्टी से सीहोर जिले में हो रहा अवैध उत्खनन, दो गिरफ्तार

Kuldeep Saraswat

Publish: Nov 13, 2019 11:26 AM | Updated: Nov 13, 2019 11:26 AM

Sehore

भोपाल आइटी टीम की मदद से मारा छापा : कंप्यूटर सेंटर की मदद से जनरेट की जा रहीं थी रॉयल्टी, पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार

सीहोर. भोपाल आइटी और सीहोर के राजस्व, पुलिस, खनिज अमले ने मंगलवार को नसरुल्लागंज में दो ऑनलाइन सेंटर पर छापामार कार्रवाई की है। ऑनलाइन कंप्यूटर सेंटर से रोज दूसरे जिलों की 90 से 100 रेत रॉयल्टी जनरेट की जा रही थीं। रॉयल्टी छिंदवाडा, जबलपुर, होशंगाबाद, रायसेन और नरसिंहपुर जिले में संचालित ग्राम पंचायत की रेत खदान की काटी जा रही थी। अफसरों का तर्क है कि रेत कारोबारी इस रॉयल्टी की मदद से रेत के जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन को अंजाम दे रहे थे, जिसे लेकर यह कार्रवाई की गई है।

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कलेक्टर अजय गुप्ता ने बताया कि कुछ दिन पूर्व पत्रिका में प्रकाशित एक समाचार के माध्यम से संज्ञान में आया कि सीहोर जिले में दूसरे जिले की ग्राम पंचायतों में संचालित रेत खदानों से रॉयल्टी जनरेट कर रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को अंजाम दिया जा रहा है। प्रशासन ने इस बात को गंभीरता से लिया और खनिज विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई से बात की और भोपाल से एक आइटी विशेषज्ञ की टीम सीहोर बुलाई। आइटी भोपाल के विशेषज्ञ राजेश शर्मा पुलिस, राजस्व व माइनिंग की टीम के साथ नसरुल्लागंज पहुंचे और उन्होंने यहां पर वन टन इंटरनेट, सांई कंप्यूटर सेंटर पर दबिश दी। दोनों कंप्यूटर सेंटर से रोज 80 से 100 रेत की रॉयल्टी दूसरे जिले की ग्राम पंचायत से जनरेट करने का रिकॉर्ड मिला है। कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में ओम सांई सेंटर के संचालक दिनेश यादव व वन टच इंटरनेट सेंटर के संचालक सैतान सिंह के खिलाफ आईपीसी और आईटी एक्ट की कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। मालूम हो, सीहोर जिले में आइटी की रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए पहली कार्रवाई है। प्रदेश में इससे पहले ऐसी कार्रवाई किसी भी जिले में नहीं हुई है।

 


रॉयल्टी का भी बच जाता है पैसा
अफसरों ने बताया कि रेत खदानों की नीलामी बहुत ज्यादा मूल्य पर होती है। ठेकेदार 500 से 700 रुपए प्रति घन मीटर के हिसाब से रेत की रॉयल्टी वसूल करता है और ग्राम पंचायत की खदान से रेत 125 रुपए प्रति घन मीटर में दी जाती है। सीहोर जिले में इस समय सिर्फ तीन खदान संचालित हैं। संचालित सभी खदान ठेकेदार के अंडर में हैं। जिले में ग्रापं की खदानें बंद हैं, इसलिए रेत का अवैध उत्खनन करने वाले दूसरे जिले की ग्राम पंचायतों से काटी गईं रॉयल्टी की मदद से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को अंजाम दे रहे हैं।

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दूसरे जिले की रॉयल्टी का दुरुपयोग
प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में सामने आया है कि रेत कारोबारी दूसरे जिले में संचालित ग्राम पंचायत की ऑनलाइन किसी भी सेंटर से रॉयल्टी कटा लेते हैं। उस रॉयल्टी को लेकर अवैध उत्खनन कर गाड़ी में रेत भर लेते हैं। रेत से भरी गाड़ी को उस रास्ते से निकालते हैं, जिस रास्ते का रॉयल्टी में जिक्र किया गया होता है। अब यदि बीच में पुलिस, माइनिंग या राजस्व का अमला रेत की गाड़ी का पकड़ा है तो चालक बाहर से जनरेट कराई गई रॉयल्टी को दिखाकर आसानी से बच जाता है। इस तरीके से अवैध उत्खनन कर निकाली गई अवैध रेत वैध हो जाती है।

पुलिस ने कंप्यूटर और लेपटॉप किए जब्त
पुलिस ने ओम सांई सेंटर के संचालक दिनेश यादव और वन टच इंटरनेट सेंटर के संचालक सैतान सिंह को गिरफ्तार करने के साथ कंप्यूटर और लेपटॉप जब्त कर लिए हैं। अफसरों ने दावा किया है कि प्रारंभिक जांच में लंबे समय से इन कंप्यूटर सेंटर से दूसरे जिलों की रॉयल्टी काटे जाने की बात सामने आई है। पुलिस और आईटी की टीम इसकी बारीकी से जांच कर रही है।

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