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छात्रावास के अंदर छात्र की मौत, हत्या या हादसा पीएम रिपोर्ट में होगा खुलासा

Kuldeep Saraswat

Publish: Nov 14, 2019 11:39 AM | Updated: Nov 14, 2019 11:41 AM

Sehore

प्राथमिक पड़ताल में आया सामने, बाएं हाथ की छोटी उंगली में मिला करंट लगने का निशान

सीहोर. बुदनी स्थित अनुसूचित जाति बाबू जगजीवनराव बालक आदर्श छात्रावास के अंदर एक छात्र की रहस्यमयी संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। छात्र अपने छोटे भाई के साथ छात्रावास में रहता था। घटना का खुलासा तब हुआ, आधी रात जब उसने अपने रूम पार्टनर को मोबाइल फोन पर छात्रावास के पीछे घायल पड़े होने की सूचना दी। पुलिस सूत्रों की मानें तो वह आखिरी बार उसकी किसी भाई से रात साढ़े 9 बजे बात हुई है, उसके बाद की कॉल डिटेल डिलीट कर दी गई हैं।

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इधर, दोस्त की बात पुलिस के गले नहीं उतर रही हैं। प्राथमिक पड़ताल में सामने आया है कि उसके बाएं हाथ की छोटी उंगली में करंट लगा है। छात्र की मौत हत्या या हादसा है, इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट आने के बाद होगा, जिस समय छात्र की मौत हुई, अधीक्षक छात्रावास में नहीं थे, कलेक्टर ने अधीक्षक को निंलबित कर दिया। छात्रों ने छात्रावास अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। पुलिस ने मौका मुआयना कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस छात्र के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर मौत के कारणों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। सीहोर जिले के आदिवासी छात्रावास में छात्र की मौत का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी सितंबर महीने में रेहटी के एक छात्रावास में 8 साल के बच्चे की मौत हुई थी। लिहाजा, छात्रावासों में छात्र असुरक्षित हैं और जिला प्रशासन इस तरह ध्यान नहीं दे रहा है।

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बुदनी पुलिस के मुताबिक भरकुल रेहटी निवासी रूपसिंह पवार के दो बेटे 17 वर्षीय सरवन कुमार और सूरज पवार बुदनी के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। सरवन कुमार 12वीं कला संकाय और सूरज पवार 9वीं का छात्र हैं। दोनों भाई छात्रावास के एक कमरे में दो दोस्त राहुल अहिरवार और करण अजा के साथ रहते हैं। मंगलवार रात करीब 2 बजे श्रवण कुमार ने अपने रूम पार्टनर राहुल अहिरवार को फोन किया कि मैं घायल हो गया हूं, छात्रावास के पीछे की तरफ पड़ा हूं। मुझे उठाकर ले जाओ। राहुल अहिरवार ने साथी छात्रों को जगाया, तो देखा कि छात्रावास के मेन गेट का ताला लगा है। छात्रों ने फिर से फोन किया और चाबी के बारे में पूछा।

मृतक छात्र के पास ही रहती थी छात्रावास की चाबी
दरअसल, छात्रावास की चाबी मृतक छात्र सरवन कुमार के पास ही रहती थी। साथी छात्र श्रवण के कमरे में गए और उससे चाबी लेकर गेट खोला और छात्रावास के पीछे से उसे उठाकर लाए। छात्रों ने बताया है कि सरवन की नाक से खून और मुंह से झाग निकल रहा था। कमरे में आने के बाद उसने पानी पिया और लेट गया, तभी करीब साढे 3 बजे जब छात्रावास का जलवाहक उजय सिंह उठा तो उसने देखा कि सरवन कुमार मृत पड़ा है। उजय ने तत्काल फोन कर छात्रावास अधीक्षक महेन्द्र गौर को बुलाया और फिर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बरामद कर पंचनामा कार्रवाई के बाद पीएम के लिए भोपाल भेज दिया।

जलवाहक के भरोसे छात्रावास छोड़ अधीक्षक गायब
छात्रावास में जिस समय यह पूरा घटनाक्रम हुआ, अधीक्षक महेन्द्र गौर उपस्थित नहीं थे। जबकि विभाग की तरफ से छात्रावास अधीक्षक को सख्त आदेश हैं कि वह बिना मुख्यालय की अनुमति के छात्रावास नहीं छोड़ सकते हैं, रात को तो बिल्कुल ही नहीं। बताया जा रहा है कि छात्रावास जुलाई महीने में ही नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है। यहां अभी अधीक्षक के लिए क्वाटर नहीं बना है। अधीक्षक गौर पुराने क्वाटर में ही छात्रावास से पांच किलोमीटर दूर रहते हैं। छात्रावास घनी बस्ती से दूर शाहगंज रोड पर है, सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, फिर भी छात्रावास एक जलवाहक के भरोसे छोड़ अधीक्षक रोज घर चले जाते हैं।

छात्रों ने व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
छात्र की मौत के बाद बुधवार को एसडीएम वरूण अवस्थी और एसडीओपी एसएस पटेल छात्रावास पहुंचे तो छात्रों ने हंगामा कर दिया। छात्रों ने अफसरों से अधीक्षक गौर की जमकर शिकायत की। छात्रों ने अफसरों को बताया कि छात्रावास में सुविधाओं के नाम पर अ'छा खाना तक नहीं मिलता है। छात्रों ने खाना खाने से भी इनकार कर दिया, लेकिन बाद में अफसरों की समझाइश के बाद मान गए। अफसरों ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि वह जल्द ही अधीक्षक पर कार्रवाई कराएंगे।

छात्र की मौत से जुड़े पांच सवाल
1. छात्रावास की चाबी सरवन कुमार के पास ही रहती है, तो फिर सरवन कुमार चाबी अपने कमरे में अंदर रख गेट का ताला लगाकर बाहर कैसे पहुंचा। यदि उसे बाहर जाना था तो वह मैन गेट का ताला खोलकर क्यों नहीं गया। उसके बाएं हाथ की उंगली में करंट कैसे लगा।

2. यदि सरवन कुमार छत से गिरकर घायल हुआ और उसके साथी पीछे से नाक से खून निकलते हुए उठाकर लाए तो उससे घायल होने का कारण क्यों नहीं पूछा।

3. सरवन कुमार का फोन आने के बाद उसके दोस्तों ने उसके कमरे में जाकर फोटो के पीछे से चाबी उठाई और गेट खोलकर उसे उठाकर लाए। पानी पिलाकर कमरे में बिठाया। इस दौरान छात्रावास में उपस्थित जलवाहक को क्यों नहीं पता चला।
4. छात्रावास में सरवन कुमार के साथ उसका भाई 9वीं का छात्र सूरज पवार भी कमरे में रहता था। भाई को घटना के बारे में पता क्यों नहीं चला। यदि कोई गंभीर बात श्रवण दोस्तों से छिपाना चाहता था तो वह अपने भाई को बता सकता था, उसने इस मामले को लेकर भाई से बात नहीं की।

5. छात्रावास में कुल 27 छात्र हैं, जिसमें से सरवन के भाई सहित 23 रात को मौजूद थे, लेकिन कोई भी घटना को लेकर साफ-साफ बात करने को तैयार नहीं है। रूम पार्टनर भी गोलमोल जबाव क्यों दे रहा है।