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नई मंडी का लाभ लेने किसानों को करना होगा और इंतजार

Anil Kumar

Publish: Nov 09, 2019 12:24 PM | Updated: Nov 09, 2019 12:24 PM

Sehore

प्रबंधन ने केंद्र सरकार से मांगी राशि

सीहोर/आष्टा. भोपाल इंदौर हाइवे स्थित मालीपुरा पहाड़ी पर 98 एकड़ जमीन में नई कृषि उपज मंडी बनने का कार्य चल रहा है। जिस तरह से कार्य हो रहा है उसके हिसाब से आष्टा ब्लॉक के किसानों को इसका लाभ लेने और इंतजार करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में उनको आष्टा-कन्नौद रोड स्थित कृषि उपज मंडी में ही परेशानी के बीच उपज बेचना पड़ेगी।

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कई साल से आष्टा में कन्नौद रोड पर कृषि उपज मंडी संचालित होती आ रही है। इस मंडी में समय के साथ बढ़ती किसानों की संख्या के बाद जगह की कमी के साथ अन्य समस्या खड़ी हो गई है। इस कारण सीजन शुरू होते ही किसानों को हर साल काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने शासन से मालीपुरा पहाड़ी पर नई मंडी बनाने की स्वीकृति मिली थी। इस नई मंडी के कार्य का आगाज साल 2019 में चालू हुआ था। शुरूआत में बताया जा रहा था कि साल 2022 तक मंडी पूरी तरह से बनकर तैयारी हो जाएगी, लेकिन जिस तरह की स्थिति अभी बनी हुई है उससे लगता है कि यह होने वाला संभव नहीं है। ऐसे में किसानों को नई मंडी में उपज बेचने और इंतजार करना पड़ेगा।

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केंद्र सरकार से मांगी 40 करोड़ की राशि
नई मंडी में 10 करोड़ की लागत से मंडी बोर्ड कार्य करा रहा है। बताया जा रहा है कि यह राशि समाप्त होने की स्थिति में है। जिससे कार्य आगामी दिनों में कभी भी अटक सकता है। इसे देखते हुए मंडी प्रबंधन ने हरकत में आकर 34 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा है। इसमें जल्द ही राशि स्वीकृत कर जारी करने बात कहीं है। जिससे की कार्य को आगे भी सूचारू से कराया जा सकें।

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यह होना है मंडी में कार्य
मंडी अधिकारियों के अनुसार नई मंडी में 200 मीटर के चार ट्राली शेड, 4 नीलामी शेड, खुला नीलामी चबूतरा, मल्टी यूटिलिटी सेंटर, 10 सुलभ कांप्लेक्स, बिजली सब स्टेशन, बाउंड्रीवाल, दुकान सहित अन्य कार्य होना है। इसमें अभी की स्थिति में एक ट्रालीशेड, मंडी कार्यालय भवन, केंटिन, भोजनालय, दो शौचालय आदि ही बने हैं। जबकि बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य चल रहा है।

यह होगा नई मंडी का फायदा
अभी की स्थिति में कन्नौद रोड पर संचालित हो रही कृषि उपज मंडी में रबी और खरीफ सीजन में आवक बढ़ते ही कई दिन तक जाम की समस्या से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं परिसर में जगह की कमी होने से किसान अलग ट्रैक्टर-ट्राली खड़े करने की समस्या से जूझते हैं। नई कृषि उपज मंडी बनने के बाद पर्याप्त जगह होने और सुविधा मिलने से उनकी यह समस्या पूरी तरह से दूर हो जाएगी।

काम अटक तो सकता है
मंडी बोर्ड 10 करोड़ की लागत से काम करा रहा है। केंद्र सरकार को राशि के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा है। यह बात सही है कि राशि नहीं मिलती है तो काम रूक सकता है।
सुदेश पाटीदार, सब इंजीनियर कृषि उपज मंडी आष्टा
प्रस्ताव भेजा है
हमारी तरफ से केंद्र सरकार को मालीपुरा नई मंडी में निर्माण के लिए 34 करोड़ रुपए की राशि देने प्रस्ताव बनाकर भेजा है। जिससे कि मंडी का और निर्माण कार्य कराया जा सकें।
योगेश नागले,सचिव कृषि उपज मंडी आष्टा