स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

नोटिस तक सीमित अतिक्रमण हटाओं मुहिम, शहर में सड़क तक कब्जा

Anil Kumar

Publish: Jan 14, 2020 12:22 PM | Updated: Jan 14, 2020 12:22 PM

Sehore

हर दिन परेशानी भुगत रहे लोग, फिर भी की जा ही है अनदेखी

आष्टा.
शहर में मुख्य चौराहे से प्रमुख सड़क तक हो रहा अवैध अतिक्रमण इस समय आमजन के लिए मुसीबत का कारण बना हुआ है। इस समस्या को दूर करने प्रशासन ने कुछ समय पहले अतिक्रमण हटाओं मुहिम चलाई थी। जोरशोर से शुरू की गई यह मुहिम सिर्फ एक दिन चलकर रह गई। उसके बाद कई अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए, लेकिन कार्रवाई दोबारा शुरू नहीं हो सकी है।

[MORE_ADVERTISE1]

प्रशासन ने माफिया अभियान के तहत करीब दो सप्ताह पहले अभियान चलाकर भोपाल इंदौर हाइवे पगारिया घाटी के पास ढाबों का अतिक्रमण हटाया था। उस दौरान अफसरों का कहना था कि यह अभियान लगातार चलाकर आष्टा शहर में भी अवैध कब्जे को हटाया जाएगा। अफसरों की कहीं गई यह बात धरातल पर ठीक से उतर नहीं पाई है। जिस तरह से अतिक्रमण हटाओं अभियान शुरू हुआ, वैसे ही ऐसा ठंडा पड़ा की दोबारा शुरू नहीं हो सका है। जिसके चलते नगर में कई जगह हो रहा अवैध अतिक्रमण लोगों के लिए हर दिन मुसीबत का कारण बन रहा है। यह स्थिति बस स्टैंड से राज लक्ष्मी मार्केट, पुराना बस स्टैंड से कसाईपुरा चौराहा के बीच, पुराना भोपाल इंदौर हाइवे सहित अन्य जगह पर आसानी से देखी जा सकती है। जबकि इन जगहों से प्रतिदिन हजारों लोगों का आना जाना होता है।

[MORE_ADVERTISE2]

30 से अधिक को दिया नोटिस
प्रशासन ने आष्टा और आसपास गांव में 10 बड़े अतिक्रमण चिन्हित कर अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा दो सप्ताह पहले नगर पंचायत कोठरी ने भी 20 से अधिक अवैध कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया है। नगर पंचायत और प्रशासनिक अफसरों की कार्रवाई अभी की स्थिति में सिर्फ नोटिस तक ही सिमटकर रह गई है। हालांकि अब जरूर अफसर कह रहे हैं कि मुहिम चलाकर इन अतिक्रमण को हटाया जाएगा।
पार्किंग तक के नहीं इंतजाम
आष्टा की आबादी 90 हजार तक पहुंच गई है उसके बावजूद यहां पर एक भी जगह पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में दो और चार पहिया वाहनों को चालक सड़क पर ही खड़ाकर व्यवस्था बिगाडऩे में लगे हैं। अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि सड़क पर इस तरह से वाहन खड़े किए जा रहे हैं कि उनको घंटों तक नहीं हटाया जाता है। इस दौरान आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित होती है। पुलिस-प्रशासन ने इस समस्या का हल निकालने कई बार प्लान तैयार किया, लेकिन वह धरातल पर मूर्त रूप नहीं ले सका है।

[MORE_ADVERTISE3]