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खाली पद पर पोस्टिंग नहीं होने से सोनोग्राफी कराने भटक रहे मरीज

Deepesh Tiwari

Publish: Oct 29, 2019 17:00 PM | Updated: Oct 29, 2019 17:00 PM

Sehore

आयुक्त सीएस तक के अफसरों को पत्र लिखने के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई...

सीहोर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटे सीहोर के जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, उसके हिसाब से सुविधा का विस्तार नहीं हो सका है। इसकी बानगी कतार में खड़े होकर इलाज कराते मरीज और सोनोग्राफी नहीं होने से भटकती महिलाएं बता रही है।

इस समस्या को लेकर प्रभारी मंत्री आरीफ अकील से लेकर अन्य जनप्रतिनिधि और अफसर को प्रबंधन ने अवगत कराया है। बावजूद अब तक कुछ नहीं हो सका है। जिस अस्पताल के भरोसे पूरा जिला है उसमें लंबें समय से बनी डॉक्टर की कमी दूर नहीं हुई है।

जितने डॉक्टर पहले थे उनमें से भी पिछले दिनों कई के ट्रांसफर हो गए हैं। जिनके स्थान पर दूसरे की नियुक्ति नहीं हुई है। ऐसे में जितने डॉक्टर हैं उनके कक्ष के बाहर हर दिन मरीजों की भीड़ लगी रहती है।

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इसमें उनको कई बार घंटों तक इंतजार करना पड़ता है, तब कहीं जाकर नंबर आता है। प्रबंधन ने इस समस्या को लेकर आयुक्त प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है, उसके बावजूद कुछ नहीं हुआ है।

उल्लेखनीय है कि अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से अधिक ओपीडी रेकार्ड की जाती है। वहीं घायल मरीजों को इलाज के लिए यहीं लाया जाता है।

पलंग तक पर्याप्त नहीं
कहने को तो अस्पताल 200 पलंग का है, लेकिन यह पलंग मरीजों की तादात के आगे बौनी साबित हो रही है। जिससे महिला और पुरूष मेडिकल वार्ड में अधिकांश समय एक पलंग पर दो से तीन मरीजों को इलाज कराते आसानी से देखा जा सकता है। प्रबंधन ने कुछ समय पहले पलंग बढ़ाने की बात कहीं थी उसमें कुछ नहीं हुआ है।

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अन्य अस्पताल के हाल भी बेहाल
जिले के अन्य सरकारी अस्पताल के हाल किसी से छिपे नहीं है। इन अस्पतालों में से कई में संसाधन, सुविधा, डॉक्टर का टोटा होने के साथ ही भवन तक जर्जर हो गए हैं। इसी में मरीजों को दूर दराज से आकर इलाज कराना पड़ रहा है।

चार महीने से नहीं हो रही सोनोग्राफी
अस्पताल में सोनोग्राफी करने वाले रेडियोलाजिस्ट का ट्रांसफर होने के बाद उनकी जगह दूसरा कोई नहीं आया है। जिससे पिछले चार महीने से अस्पताल में सोनोग्राफी का काम ठप है। महिलाएं कक्ष के पास जाती तो है लेकिन उनको खाली लौटना पड़ता है। मजबूरी में बाहर रुपए देकर सोनोग्राफी कराना पड़ रही है।

अस्पताल में स्थिति
अस्पताल में डॉक्टर की 28 पोस्ट है, जिसमें अभी की स्थिति में सिर्फ 8 ही पदस्थ है। रेडियोलास्टि की 2 और सर्जरी डॉक्टर की 3 पोस्ट में से सभी खाली है। इसी प्रकार से 89 के करीब नर्स है, जिनकी संख्या कम है।

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हमारी तरफ से अस्पताल में डॉक्टर के खाली पद को पद भरने लगातार उच्च स्तर पर अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। आयुक्त को भी दो बार पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है।
- डॉ. आनंद शर्मा, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल सीहोर