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एनसीसी और फोर्स में रूचि रखने वाली बालिकाओं के लिए मिलेंगी अलग से सुविधा : शिक्षा मंत्री

Kuldeep Saraswat

Publish: Oct 20, 2019 12:40 PM | Updated: Oct 20, 2019 12:40 PM

Sehore

इछावर और सीहोर में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने अभिभावक शिक्षक सम्मेलन किए संबोधित

सीहोर. हमने अपने विभाग से कहा है कि एनसीसी या फोर्स में रूचि रखने वाली बालिकाओं के लिए अलग से एग्जाम कराओ, जो सुविधाएं उन्हें दी जा सकती हैं दो, जिससे कि जिन्हें फोर्स में जाना हैं, वहां जा सकें। यह बात शनिवार को अभिभावक शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कही।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीहोर में अभिभावक शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को प्रदेश में नंबर वन बनाना है। मैं जानता हूं कि अभी कई स्कूल में इंफ्रास्ट्राक्चर की कमी है, इसलिए मैंने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा है कि वह एक-एक स्कूल को गोद लें और वहां पर सभी संसाधनों की पूर्ति कराएं। पालकों को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री चौधरी ने कहा कि यह पीटीएम हमने इस लिए चालू की है कि हर तीन महीने में स्टूडेंट के माता-पिता स्कूल में आएं और बच्चे के बारे में जानें। उन्होंने कहा कि इस साल एक नया कोर्स लागू किया है, जीवन कौशल। यह पहली बार चालू हुआ है। इससे बच्चों की जिज्ञासा को समझने में आसानी होगी। उन्होंने कहा हमारे पास जो संसाधन और बजट है, उसमें हम बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। पहले आठवीं और नवमीं के छात्रों को एप्लीकेशन तक नहीं लिखना आती थी, हमने पांचवीं और आठवीं की परीक्षा बोर्ड कर दी। इससे छात्रों की नींव मजबूत होगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने सीहोर से पहले इछावर में अभिभावक शिक्षक सम्मेलन को संबोधित किया। यहां पर शासकीय एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. चौधरी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से सरकार ने पीटीएम की शुरुआत की है। अगले सत्र से 9वीं और 10वीं कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी। मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए कटिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि शासकीय स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों की प्रतिभा में निखार आए। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश के सवा लाख सरकारी स्कूल में व्यापक पैमाने पर बदलाव करने जा रहे हैं।

35 हजार शिक्षकों के ऑनलाइन ट्रांसफर
स्कूल शिक्षा मंत्री ने अभिभावक शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश भारत का पहला राज्य है, जहां सवा लाख शासकीय स्कूल के 35 हजार शिक्षकों को उनकी मर्जी से उनके चाहे स्कूल में ट्रांसफर किया गया है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है। सरकार की कोशिश है कि शासकीय स्कूलों का इस स्तर तक सुधार कर दिया जाए कि धनाढ्य वर्ग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल से निकालकर सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए बाध्य हो जाएं। स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने स्कूल में आडिटोरियम बनाए जाने की घोषणा की। अफसरों को खेल मैदान को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। सीहोर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय, दामोदर राय और इछावर के कार्यक्रम में पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव अभय मेहता, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अनार सिंह ठाकुर, भूपेंद्र सिंह सिसोदिया आदि मौजूद थे।