स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

राम वनवास प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु

Rajeev Pachauri

Publish: Sep 21, 2019 12:26 PM | Updated: Sep 21, 2019 12:27 PM

Sawai Madhopur

गंगापुरसिटी . श्री माधो गोविन्द सत्संग मंडल के तत्वावधान में शहर के अभिषेक मैरिज होम में चल रही नव दिवसीय राम कथा में शुक्रवार को राम जानकी विवाह समेत कई सजीव झांकियां सजाई गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा में बैण्ड बाजों की धुन पर रामजी की बारात निकाली गई।

गंगापुरसिटी . श्री माधो गोविन्द सत्संग मंडल के तत्वावधान में शहर के अभिषेक मैरिज होम में चल रही नव दिवसीय राम कथा में शुक्रवार को राम जानकी विवाह समेत कई सजीव झांकियां सजाई गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा में बैण्ड बाजों की धुन पर रामजी की बारात निकाली गई।


कथा व्यास विष्णु शरण शास्त्री ने भगवान राम की बाल लीलाएं, राम वन वास, भरत का राज्याभिषेक एवं वाल्मीकि रामायण आदि का वर्णन किया। कथा व्यास ने भगवान राम के वनवास का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि दासी मंथरा ने कैकयी को पुत्र पे्रम के मोह पास में बांधते हुए राम के स्थान पर अपने बेटे भरत का राज्याभिषेक करने की बात कही। इसके बाद कैकयी ने राजा दशरथ द्वारा उसे दिए गए वचन की याद दिलाते हुए बेटे भरत का राज्याभिषेक ओर राम को १४ वर्ष का वनवास देने की बात कही।

इस प्रकार की हृदय विदारक बात सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं के नेत्रों से अश्रुओं की धारा बह निकली। इसके बाद कथा व्यास ने केवट द्वारा राम, लखन व जानकी के चरण धोने का प्रसंग सुनाते हुए कथा को विश्राम दिया। इस दौरान आयोजक व श्रद्धालु उपस्थित थे।