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सावन में नहीं बुझी बांधों की प्यास, अब भादो से आस

Rajeev Pachauri

Publish: Aug 23, 2019 21:34 PM | Updated: Aug 23, 2019 21:34 PM

Sawai Madhopur

गंगापुरसिटी . सावन के बदरा इस बार झूमकर बरसे हैं। इससे खेतों की प्यास तो बुझ गई, लेकिन बांध-तालाब अब भी रीते ही हैं। पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अब तक अच्छी बारिश हुई है, लेकिन इसके बाद भी बांधों में पानी नहीं पहुंच सका है। गंगापुर और बामनवास उपखंड के बांध अभी भी बारिश की बाट जोह रहे हैं। सावन में निराशा झेल चुके बांध अब भादौं से बारिश की उम्मीद संजोए हुए हैं।

गंगापुरसिटी . सावन के बदरा इस बार झूमकर बरसे हैं। इससे खेतों की प्यास तो बुझ गई, लेकिन बांध-तालाब अब भी रीते ही हैं। पिछले साल के आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अब तक अच्छी बारिश हुई है, लेकिन इसके बाद भी बांधों में पानी नहीं पहुंच सका है। गंगापुर और बामनवास उपखंड के बांध अभी भी बारिश की बाट जोह रहे हैं। सावन में निराशा झेल चुके बांध अब भादौं से बारिश की उम्मीद संजोए हुए हैं।


सिंचाई विभाग के मुताबिक अभी तक बांधों में बारिश के पानी की अपेक्षित आवक नहीं हो सकी है। प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ सरीखे हालात हैं और बांधों के गेट खोलकर पानी निकाला जा रहा है। वहीं उपखंड के रीते बांध चिंताजनक हालात बयां कर रहे हैं। बांध-तालाबों में पानी नहीं पहुंचने से जलदाय विभाग भी आशंकित है। वजह, भूमिगत जलस्रोतों के रिचार्ज नहीं होने से बोरिंगों में भी पानी रीतेगा। ऐसे में आने वाले गर्मी के सीजन में पानी की आपूर्ति में परेशानी होगी। विभाग का मानना है कि उपखंड के ऐसे हिस्सों में बारिश की कमी रही है, जहां से पानी बहकर तालाबों तक पहुंचता है। ऐसे में बांधों का जलस्तर नहीं बढ़ सका है। हालांकि लोगों को अभी सितम्बर माह तक बारिश होने की उम्मीद है।


फसलों को पहुंचा फायदा


अच्छी बारिश के बावजूद भले ही बांध-तालाब रीते हों, लेकिन जोरदार बारिश ने फसलों को खूब फायदा पहुंचाया है। सावन के महीने में सूखने के कगार पर पहुंची फसलों को लगातार हुई बारिश ने नया जीवनदान दिया। बारिश के पानी पर निर्भर रहने वाली फसलें इस बार खूब लहलहाई हैं। खास तौर से ज्वार-बाजारा की फसल अच्छी होने की संभावना है। किसानों का मानना है कि यदि भादौं में अच्छी बारिश हो जाती है तो आगामी रबी की फसलों के लिए काफी मुफीद होगी। किसानों का कहना है कि सितम्बर माह में होने वाली बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी। ऐसे में सरसों की फसल के लिए बुवाई से पहले सिंचाई की जरूरत नहीं होगी।


नहीं बरसा सितम्बर तो होगी दिक्कत


गंगापुरसिटी एवं बामनवास के बांधों से हर बार नवम्बर माह में रबी की फसलों की सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है, लेकिन अभी तक बांधों में पानी की आवक खासी कम है। ऐसे में इस बार सिंचाई विभाग को फसलों के लिए पर्याप्त पानी देने में दिक्कत होगी। विभाग का कहना है कि फिलहाल गंडाल और नागतलाई बांध में ही इतना पानी है कि इनसे नवम्बर माह में सिंचाई के लिए पानी दिया जा सके।


यह है बारिश की स्थिति
वर्ष बारिश
2019 549
2018 751
2017 468
2016 977
2015 515
(20 सितम्बर तक की स्थिति)


यह है बांधों की स्थिति


बांध वर्तमान स्थिति भराव क्षमता
चंदपुरा 1 फीट 3 इंच 6 फीट
मोतीसागर 4 फीट 3 इंच 7 फीट
बनियावाला 2 फीट 5 इंच 5 फीट
मोरासागर 10 फीट 4 इंच 18.5 फीट
लिवाली 1 फीट 6 इंच 7 फीट
नागतलाई 5 फीट 6 इंच 7 फीट
गंडाल 4 फीट 6 इंच 9 फीट
आकोदिया निल 10 फीट


इनका कहना है
नवम्बर माह में फसलों के लिए बांधों से पानी दिया जाता है। अबकी बार वर्तमान स्थिति में गंडाल और नागतलाई बांध से पानी देने की स्थिति में हैं। अभी सितम्बर में बारिश होने के आसार हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अन्य बांधों में भी पानी की अच्छी आवक हो जाए।
- अरुण शर्मा, एईएन सिंचाई विभाग