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पानी भरी बंद खान में कोई जाता नहीं...वहां खींच लाई मौत

Rakesh Verma

Publish: Aug 20, 2019 12:27 PM | Updated: Aug 20, 2019 12:27 PM

Sawai Madhopur

पानी भरी बंद खान में कोई जाता नहीं...वहां खींच लाई मौत

सवाईमाधोपुर. शहर में जतीजी की बावड़ी के पास जिस बंद खदान में भरे पानी में डूबने से चार जनों की मौत हुई, वहां कोई पिकनिक मनाने जाता ही नहीं है। लेकिन हादसे में मृतक चारों जनों को मौत ही वहां तक खींच ले गई। प्रत्यक्षदर्शियों और आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार बंद खान में लोगों की आवाजाही न के बराबर रहती है। कोई वहां पिकनिक मनाने भी नहीं जाता है। इसकी वजह ये हे कि खान का पानी एकदम मटमैला एवं गंदा है। जो नहाने लायक नहीं है। उसमें काई भी जमी हुई है। इसके अलावा वहां पर आवारा जानवर विचरण करते हैं। उनके गोबर की गंदगी भी वहां फैली रहती है। इसके चलते लोग वहां जाते नहीं है। सभी इस बात को लेकर हैरत में है कि आखिर ये लोग वहां कैसे पहुंच गए और मौत के मुंह में समां गए।


काफी देर तक झरने पर नहाए थे, फिर चल दिए
प्रत्यक्षदर्शी अस्मत अली ने बताया कि रविवार को हम भी जतीजी की बावड़ी के निकट स्थित एक झरने पर नहाने गए थे। वहां पर ये चारों लोग भी नहा रहे थे। इसके बाद वहां बह रहे एक नाले में बहते पानी में भी नहाए। इसके बाद वे गीले कपड़ों में ही वहां से घर की तरफ चल दिए थे। इसके कुछ देर बाद लोगों का फोन आया और उसको रस्सियां लेकर आने को कहा। इस पर वह तुरंत बचाने के लिए भागे।


गोताखोर बोला-बंद खान में नीचे दलदल व झाडिय़ां थीं
हादसे के दौरान खान के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। ऐसे में किसी ने खोताखोर वसीम निवासी मिर्जा मोहल्ला को फोन कर बुलाया। उस वक्त वह पास में ही खेत में दावत में थे। वह खाना खा रहा था। सुनते ही खाना बीच में छोड़कर बाइक लेकर खान की तरफ दौड़ा। वहां पहुंचते ही सीधे पानी में छलांग लगा दी। उसकी जेब में मोबाइल व पैसे थे, उनकी भी चिंता नहीं की। वसीम ने बताया कि वह जब पहुंचा तो किशोरी व महिला के शव पानी के ऊपर आ गए थे। उसने सबसे उनके शवों को बाहर निकाला। इसके बाद एक बच्ची थी, जिससे अन्य लोगों के बारे में पूछा तो उसने इशारे से जो जगह बताई, वहां पर ही पानी में गोता लगाया। वहां सईउद्दन का शव मिला। इसके बाद दूसरे पुरुष अनवर के शव को निकालने में करीब 15-20 मिनट लग गए। वह शव अंदर झाडिय़ों में फंसा था। उसने बताया कि खान के तल में दलदलनुमा कीचड़ था और झांडिय़ां भी थीं। बड़ी मुश्किल से उनको निकाला गया।


क्यों उतरे थे पानी में
हादसे के बाद सभी के जहन में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर गंदे पानी में क्यों उतरे। कुछ लोगों का कहना है कि झरने पर पिकनिक मनाने के बाद चारों लोग अपने घर जा रहे थे। रास्ते में एक महिला का पैर कीचड़ में सन गया था। महिला खान के ऊपर पालनुमा बनी जगह से नीचे उतरकर पैर धोने के लिए उतरी थी। उस जगह से पानी बिल्कुल गहराई पर थी। वहां उसका पैर फिसलते ही उसमें डूब गई। गोताखोर ने बताया कि उसमें करीब 8 से 10 फीट पानी था। इस कारण वे एक-दूसरे बचाने के चक्कर में डूबते ही चले गए।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चारों मृतक हादसे से कुछ देर पहले चंद दूरी पर स्थित नाले एवं झरने में नहाने गए थे। वहां पर उन्होंने
पांव धोने गई थी महिला, सारा काम हो गया घर जती की बावड़ी में पांव धोने भैंसे आगे नाळा पड़ गया था,