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रोजगार की राह सुगम करने की कवायद

Rajeev Pachauri

Publish: Sep 21, 2019 11:59 AM | Updated: Sep 21, 2019 11:59 AM

Sawai Madhopur

गंगापुरसिटी . सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती बेरोजगारी को कम करने व युवाओं को रोजगार से जोडऩा वर्तमान की सबसे बड़ी चुनौती नजर आ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना शुरू की है। इसकी मंशा कॉलेजों से हर वर्ष निकलने वाली अन स्किल्ड युवाओं की फौज को कॉलेज शिक्षा के साथ व्यवसायिक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाना है। ताकि युवा स्वयं के साथ ही समाज की तरक्की की राह में अपनी भूमिका अदा कर सकें।

गंगापुरसिटी . सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती बेरोजगारी को कम करने व युवाओं को रोजगार से जोडऩा वर्तमान की सबसे बड़ी चुनौती नजर आ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना शुरू की है। इसकी मंशा कॉलेजों से हर वर्ष निकलने वाली अन स्किल्ड युवाओं की फौज को कॉलेज शिक्षा के साथ व्यवसायिक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाना है। ताकि युवा स्वयं के साथ ही समाज की तरक्की की राह में अपनी भूमिका अदा कर सकें।


इस योजना के तहत प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों मेें नियमित अध्ययनरत विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ ही रोजगार परक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार की सोच है कि विद्यार्थी शिक्षा पूर्ण होने के बाद नौकरी की राह ना देखते हुए स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ा सकें। साथ ही नौकरी करने वाले युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया हो सकें। कॉलेज आयुक्तालय ने आवेदन के लिए अंतिम तिथि 17 सितम्बर तय की थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर २० सितम्बर किया गया है। अंतिम तिथि के एक दिन पहले तक महाविद्यालय में महज 48 आवेदन जमा हुए हैं।


20 विद्यार्थियों पर बनेगा बैच


योजना के तहत सरकारी महाविद्यालय में स्नातक द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में अध्ययनरत नियमित विद्यार्थियों को इन कोर्स में प्रवेश दिया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक कोर्स में न्यूनतम 20 विद्यार्थियों की संख्या तय की है। युवा कौशल विकास केन्द्र प्रभारी ने बताया कि योजना में संचालित 39 कोर्स में से प्रत्येक में न्यूनतम 20 विद्यार्थियों की लिमिट तय की है। न्यूनतम विद्यार्थियों के अभाव में कोर्स संचालित नहीं किया जा सकेगा।


नहीं चलेगी खानापूृर्ति


योजना के तहत विद्यार्थियों को महाविद्यालय में नियमित कक्षाओं के अतिरिक्त प्रतिदिन 4 घंटे प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए आरएसएलडीसी की ओर से दक्ष प्रशिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इसके लिए प्रशिक्षणार्थियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। पंजीकृत विद्यार्थियों की प्रतिदिन बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। साथ ही 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को चयनित कोर्स की जांच परीक्षा में प्रविष्ट नहीं होने दिया जाएगा।


इन कोर्स की मिलेगी तालीम


कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार व्यावसायिक पत्राचार एवं सुविधा सेवाएं, लेखा एवं कर सहायक, शेयर बाजार, सहायक सॉफ्टवेयर डवलपर, ग्राहक संबंध प्रबंधन, ग्राहक संबंध प्रबंधन (बगैर फोन), फोन द्वारा, डाटा एन्ट्री, वेब डवलपर, चरित्र डिजायनर, बिक्री सहयोगी, फिटनेश ट्रेनर, योगा ट्रेनर, कस्टमर केयर, कार्यालय प्रबंधन, अंग्रेजी संवाद, जीवन बीमा एजेन्ट, सीसीटीवी स्थापना, डीटीएच सेटअप बॉक्स स्थापना, कम्प्यूटिंग एवं परिधीय, कार्यकारी बिक्री एवं मूल्य वर्धन, शोरूम ग्राहक संबंध, हेयर स्टाइलिंग एवं ब्यूटी थेरेपी, पेडीक्योर-मेनीक्योर एवं स्पा थेरेपी, यात्रा सलाहकार, स्थानीय एवं पारंपरिक भोजन, टूर मैनेजर, कृषि आधारित मूल्य वर्धित उत्पाद, यात्रा डेस्क प्रबंधन, संपादन, एनीमेटर, डिजिटल फोटोग्राफी एण्ड वीडियोग्राफ्री, बैंकिंग तकनीक, सौर पीवी इन्सटालर, कालीन निर्माण, कार्गो असिस्टेंट, बैगेज हैण्डलर, डेयरी फार्म, ग्रीन हाउस ऑपरेटर एवं जैविक उत्पादक कौशल आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा।


तैयार होंगे स्किल्ड युवा


योजना के तहत विद्यार्थियों को कॉलेज में एकेडमिक के साथ ही व्यवसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए कॉलेज में मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना शुरू की गई है। इसमें 30 कोर्स संचालित किए जाएंगे। विद्यार्थी द्वारा सफलतापूर्वक कोर्स करने के बाद रोजगार की राह आसान होगी।
- प्रो. बी.एल. मैनावत, प्रभारी युवा कौशल विकास केन्द्र राजकीय महाविद्यालय गंगापुरसिटी।