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गुरुपूर्णिमा पर धारकुंडी आश्रम पहुंचे लाखों श्रद्धालु, मुंबई से लाइव हुए संत

Sonelal Kushwaha

Publish: Jul 17, 2019 18:04 PM | Updated: Jul 17, 2019 18:04 PM

Satna

मध्यप्रदेश के चित्रकूट व मैहर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भी रही भीड़

सतना. गुरु पूर्णिमा का पर्व जिलेभर में उत्साह से मनाया गया। चित्रकूट के मठ-मंदिरों में गुरुजनों का आशीर्वाद लेने के लिए शिष्यों में होड़ देखने को मिली तो। धारकुंडी आश्रम में पूरे दिन भक्तों का रेला लगा रहा। मंगलवार को यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इसी प्रकार चित्रकूट में भी तड़के चार बजे से जनसैलाब नजर आने लगा। रामघाट मंदाकिनी तट बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जो स्नान करने के बाद कामदगिरि परिक्रमा लगाकर सुख व समृद्धि की कामना की और इसके बाद मठ-मंदिर में पहुंचकर अपने गुरु का आशीर्वाद लिया।

सुबह से शाम तक चला सिलसिला
तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज के कांच मंदिर में सुबह से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। कतार में खड़े होकर उनका आशीर्वाद पाने का इंतजार किया। सुबह से शाम तक शिष्यों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। इसी तरह कामदगिरि प्रमुख द्वार पर स्वामी रामस्वरूपाचार्य का आशीर्वाद पाने को भीड़ रही। भरत मंदिर में महंत दिव्यजीवनदास, भागवत पीठ में आचार्य नवलेश दीक्षित, निर्मोही, निर्वाणी अखाड़ा, पीली कोठी, सदगुरु संघ सेवा ट्रस्ट समेत अन्य मठ मंदिरों में भी शिष्यों की भीड़ लगी रही। देवांगना के पम्पासुर मन्दिर में हजारों भक्तों ने हनुमान मन्दिर में पूजा-पाठ कर प्रसाद चखा।

गुरु-शिष्य परम्परा भारतीय संस्कृति की पहचान
प्रमोद वन के तुलसीपीठ में जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि असत्य से सत्य के मार्ग पर चलने का रास्ता गुरु से आशीर्वाद से ही सम्भव है। बगैर गुरु के भगवान गोविन्द की कृपा सम्भव नहीं है। भारतीय संस्कृति की मूल पहचान गुरु-शिष्य परम्परा रही है। इस मौके पर सुदूर क्षेत्रों से आए सैकड़ों भक्तों ने गुरु दक्षिणा ली। विवि के संगीत विभाग के छात्रों ने वंदना सुनाई।

तीर्थ स्थलों पर भीड़ रही
इस मौके पर गाजियाबाद के राजेंद्र गोयल, डॉ आर्या प्रसाद त्रिपाठी, नीलम गायत्री, उमाशंकर पांडेय, डॉ. गोपाल मिश्र, विशेषनारयण दुबे, ज्योति विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे। स्वामी मत्यगजेंद्रनाथ, पर्णकुटी, हनुमानधारा, स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, देवांगना समेत अन्य तीर्थ स्थलों पर भीड़ रही।

धारकुंडी आश्रम में पहुंचे हजारों भक्त
बिरसिंहपुर के धारकुंडी स्थित परमहंस आश्रम में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। स्वामी सच्चिदानंदजी के पूजन के लिए दो दिन पहले ही शिष्यों व साधु महात्माओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। लोगों ने बताया कि करीब एक सप्ताह तक ये सिलसिला अनवरत चलता है। वहीं सतना स्थित आश्रम में भी भक्तों की भीड़ लगी रही। स्वामी नित्यानंद के दर्शन करने बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।

मैहर के आश्रमों में भी श्रद्धालुओं की कतार
गुरु पूर्णिमा पर श्रीराम जानकी मंदिर बड़ा अखाड़ा के संत सीताबल्लभ शरण महराज, शारदा धाम के प्रधान पुजारी देवी प्रसाद, ओइला आश्रम सहित खजुरीताल में रामानंदाचार्य व स्वामी रामललाचार्य महाराज के आश्रम में भक्तों की की भारी भीड़ रही। भक्तों ने स्वामी नीलकण्ठ आश्रम ओइला में बम महादेव व राकेश शुक्ला के गुरुआश्रम में भी पूजा-अर्चना की। मंत्रों के जाप से गुरु की उपासना का विशेष महत्व है। धर्मग्रंथों में गुरु का स्थान बहुत ही ऊंचा बताया गया है। श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर छोटा अखाड़ा के बाल योगी गंगा शरण महराज ने गुरु की महिमा का बखान किया।