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लापरवाह पुलिस इंस्पेक्टर को जब सीजेएम ने सुनार्इ एक माह की सजा, जानिए फिर क्या हुआ

Dheerendra Vikramadittya

Publish: Aug 21, 2019 07:07 AM | Updated: Aug 21, 2019 00:46 AM

Sant Kabir Nagar

  • छह साल पहले के एनसीआर की विवेचना में बार बार लापरवाह बने थे विवेचक
  • विवेचना की प्रगति आख्या भी प्रस्तुत करने में बरतते रहे कोताही
  • सजा के बाद इंस्पेक्टर ने दी जमानत की अर्जी

सीजेएम संतकबीरनगर के आदेश के बाद भी जांच आख्या रिपोर्ट अदालत को अवगत न कराने के आरोप में इंस्पेक्टर करुणाकर पांडेय को एक माह की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। छह साल पहले दर्ज एक एनसीआर के मामले में न्यायालय ने यह सजा सुनाई। हालांकि, सजा के बाद इंस्पेक्टर पांडेय ने जमानत की अर्जी दी तो अदालत ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

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बता दें कि सर्विलांस सेल संतकबीरनगर के प्रभारी करुणाकर पांडेय छह साल पहले महुली थाने के एसओ थे। 25 अप्रैल 2013 को न्यायालय ने एनसीआर नंबर 25 की विवेचना कर जांच रिपोर्ट देने को कहा लेकिन इंस्पेक्टर पांडेय विवेचना पूरी नहीं कर सके। बाद में सुनवाई के दौरान ही न्यायालय ने विवेचना करते हुए इसकी प्रगति आख्या से समय समय पर अवगत कराने का आदेश दिया था। लेकिन दूसरी बार भी न्यायालय का आदेश पालन करने में वह कोताही बरतते रहे।

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करीब तीन साल पहले वादी चंदा देवी ने न्यायालय में करुणाकर पांडेय के खिलाफ शिकायत की कि उनके द्वारा विवेचना में कोई रुचि नहीं ली जा रही और मामले को प्रभावित किया जा रहा है।
केस की सुनवाई के दौरान सीजेएम दीपकांत मणि ने सोमवार को पुलिस अधिनियम की धारा 29 के तहत तत्कालीन एसओ महुली व वर्तमान सर्विलांस प्रभारी करुणाकर पांडेय के खिलाफ एक महीना के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

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