स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

पंजाब में 105 ब्लाकों का भूमिगत जलस्तर गिरा

Yuvraj Singh Jadon

Publish: Jun 22, 2017 15:57 PM | Updated: Jun 22, 2017 15:57 PM

Sangroor

पंजाब सरकार ने राज्य में धान व मक्की की पैदावार को कम करते हुए किसानों का फसली चक्कर बदलने का फैसला किया

चंडीगढ़। पंजाब के 105 ब्लाकों में भूमिगत जलस्तर लगातार नीचे आ रहा है। जिसके चलते पंजाब सरकार ने राज्य में धान व मक्की की पैदावार को कम करते हुए किसानों का फसली चक्कर बदलने का फैसला किया है। पंजाब के 44 ब्लाक इस समय भूमिगत जलस्तर के मामले में गंभीर स्थिति में प्रवेश कर चुके हैं।

विधानसभा में विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए पंजाब के सिंचाई एवं बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने सदनर के पटल पर रिपोर्ट रखते हुए कहा कि पंजाब के 44 ब्लाकों का भूमिगत पानी काफी नीचे जा चुका है। सबसे घातक स्थिति पंजाब के लुधियाना जिले की है। जहां लगभगत 14 हजार 723 वर्गकिलोमीटर के क्षेत्र को गंभीर क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पंजाब के जिन जिलों में भूमिगत जलस्तर को गंभीर सूची में शामिल किया गया है उनमें अमृतसर, बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मानसा, मोगा, शहीद भगत सिंह नगर, पटियाला, रोपड़, संगरूर, तरनतारन आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया की आने वाले समय में 61 अन्य ब्लाकों के भी गंभीर क्षेत्र सूची में शामिल होने की संभावना है।

सिंचाई मंत्री ने बताया की पंजाब के किसानों द्वारा धान व मक्की की पैदावार इसके पीछे मुख्य कारण है। पिछले दस वर्षों के दौरान सरकार के दावों के उल्ट राणा गुरजीत ने दावा किया कि प्रदेश में धान की पैदावार लगातार बढ़ रही है। यह गंभीर चिंता का विषय है।
 
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा बहुत जल्द प्रदेश में किसानों को धान व मक्की की पैदावार करने से रोकने तथा फसली चक्कर को बदलने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय निकाय विभाग तथा अन्य विभागों की मदद से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा।