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पंजाब में विपक्ष के नेता का पद छोड़ेंगे फुल्का, लड़ेंगे दंगा पीडि़तों के केस

Yuvraj Singh Jadon

Publish: Jul 07, 2017 15:10 PM | Updated: Jul 07, 2017 15:10 PM

Sangroor

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता एचएस फुल्का बहुत जल्द अपना पद छोड़ सकते हैं

चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता एचएस फुल्का बहुत जल्द अपना पद छोड़ सकते हैं। इसके लिए फुल्का ने अपना मन बना लिया है और पार्टी सुप्रीमों अरविंद केजरीवाल को भी सूचित कर दिया है। एचएस फुल्का पिछले करीब 33 वर्षों से वर्ष 1984 के दंगा पीडि़तों का केस लड़ रहे हैं।

पंजाब विधानसभा में विपक्ष का नेता बनने के बाद फुल्का को सरकार द्वारा कैबिनेट स्तर की सुविधाएं प्रदान की गई हैं। जिसके चलते दिल्ली स्थित कडक़डड़ुमा अदालत ने फुल्का के चुनाव लडऩे पर आपत्ति जताई है। आज इस केस की सुनवाई के दौरान फुल्का अदालत में तो मौजूद रहे लेकिन केस की पैरवी नहीं कर सके। जिसके चलते उन्होंने विधानसभा में विपक्ष के नेता का पद छोडऩे का मन बना लिया है।

फुल्का के अनुसार बार कौंसिल का तर्क है कि विधायक अथवा सांसद अदालती केसों की पैरवी कर सकते हैं लेकिन किसी भी सरकार से कैबिनेट मंत्री की सुविधाएं हासिल करने वाला जनप्रतिनिधि केस नहीं लड़ सकता है। जिसके चलते उन्होंने बार कौंसिल को प्रस्ताव दिया है कि वह इस पद को छोडऩे को तैयार हैं लेकिन उन्हें केस लडऩे की अनुमति प्रदान की जाए।

फुल्का ने कहा कि वह 84 के दंगा पीडि़तों से संबंधित केस लड़ रहे हैं। यह केस अंतिम चरण में है। आगामी छह माह के भीतर आरोपियों को सजा मिल सकती है। फुल्का ने बताया कि उन्होंने ताजा समीकरणों के बारे में पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को सूचित कर दिया है। बहुत जल्द वह बड़ा निर्णय लेंगे।