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केजरीवाल ने शुरू किया पंजाब में लोकसभा चुनाव अभियान,सभी सीटों पर लडने का भी ऐलान

Prateek Saini

Publish: Jan 21, 2019 16:12 PM | Updated: Jan 21, 2019 16:12 PM

Sangroor

संगरूर से भगवन्त मान व फरीदकोट से साधु सिंह कों प्रत्याशी घोषित किया है...

(चंडीगढ,संगरूर): आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने रविवार को पंजाब में लोकसभा चुनाव अभियान शुरू कर दिया। केजरीवाल ने बरनाला में आयोजित रैली में ऐलान किया कि पार्टी प्रदेश में लोकसभा की सभी 13 सीटों पर चुनाव लडेगी।

 

संगरूर में पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि लोग बदलाव चाहते है। वे केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से परेशान है। भाजपा लोकसभा चुनाव में हारेगीं। केजरीवाल ने संगरूर के लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। इसमें संगरूर से सांसद भगवन्त मान,नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा,आम आदमी पार्टी विधायक अमन अरोडा मौजूद थे।

 

भगवंत मान ने छोड़ी शराब

बरनाला रैली में भगवन्त मान ने कहा कि उन्होंने शराब पीना छोड दिया है। शराब पीने की आदत के कारण मान की बडी आलोचना की जाती रही है। वे संसद भी शराब पीकर पहुंच जाते थे। केजरीवाल ने शराब त्यागने के लिए मान की तारीफ की। केजरीवाल ने दलित कल्याण की और योजनाए लागू करने का ऐलान भी रैली में किया।

 

पार्टी ने घोषित किए इन सीटों के लिए उम्मीदवार

आम आदमी पार्टी ने पिछले साल अक्टूबर में संगरूर,फरीदकोट,होशियारपुर,अमृतसर,आनन्दपुर साहिब लोकसभा सीटों के लिए अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए थे। पार्टी के पटियाला सांसद डॉ धर्मवीर गांधी व सांसद हरिंदर खालसा को अब तक प्रत्याशी नहीं घोषित किया गया है। दोनों को वर्ष 2015 में पार्टी नेतृत्व की आलोचना करने के लिए निलंबित कर दिया गया था। अभी दोनों का निलंबन भी रद्य नहीं किया गया। अभी संगरूर से भगवन्त मान व फरीदकोट से साधु सिंह कों प्रत्याशी घोषित किया है।

 

पहले की चार सीटें अपने नाम,इस बार अतंर्कलह में उलझी 'आप'

आम आदमी पार्टी ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में पंजाब में चार सीटें जीत ली थीं। देशभर में पार्टी और कोई सीट नहीं जीत पाई थी। अन्तर्कलह में फंसी पार्टी वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बडे वायदों के बावजूद सत्ता हासिल करने में नाकाम रही थी। तीन विधायकों सुखपाल खैहरा,मास्टर बलदेव सिंह व एचएस फूलका ने पार्टी छोड दी। फूलका ने विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया।